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टैरिफ वॉर के बीच ट्रंप के अधिकारियों की भारतीय महिला से बदसलूकी…हथकड़ी पहनाकर `पंजाबी दादी’ की हकालपट्टी!

– ३३ साल बाद अमेरिका से भारत भेजी गई ७३ वर्षीय महिला

-रिश्तेदारों को अलविदा कहने तक का मौका नहीं दिया

अमेरिका में ३० साल से रह रही ७३ साल की सिख महिला हरजीत कौर को अचानक भारत डिपोर्ट कर दिया गया। वे गुरुवार शाम अन्य १३१ लोगों के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचीं। वैâलिफोर्निया में रहने वाली इस बुजुर्ग महिला को इमिग्रेशन और कस्टम्स एनफोर्समेंट ने पहले अतिरिक्त कागजात के बहाने सैन प्रâांसिस्को दफ्तर बुलाया और फिर सीधे बेकर्सफील्ड के डिटेंशन सेंटर भेज दिया। पीड़िता का दावा है कि अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें अपने बच्चों और पोते-पोतियों से अलविदा कहने का भी मौका नहीं दिया।
बता दें कि कौर नाम की यह महिला १९९२ से अमेरिका में रह रही थी। उसने अपने दो बेटों की परवरिश अकेले ही की और अब उसके दो पोते और तीन पोतियां हैं। कौर के वकील दीपक अहलूवालिया ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि निर्वासित लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। एक अमेरिकी अधिकारी तो हरजीत कौर को हथकड़ी और बेड़ियां भी लगानी चाही। कौर के अचानक भारत निर्वासित किए जाने से परिवार सदमे में है। परिवार का कहना है कि वह अमेरिकी अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। कौर के परिवार ने बताया कि उन्हें डिटेंशन सेंटर में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलीं। उन्हें जमीन पर सोना पड़ा और नहाने की भी अनुमति नहीं दी गई। उनके घुटनों की पहले ही सर्जरी हो चुकी है, ऐसे में जमीन से उठना उनके लिए बेहद मुश्किल था। उन्होंने बताया कि कौर की सेहत बिगड़ रही है। वह थायरॉइड की समस्या, माइग्रेन, घुटनों के दर्द और गंभीर चिंता से पीड़ित है। इसलिए, हिरासत में रखना उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता था।
अमेरिकी सांसद ने की आलोचना
कौर के रिश्तेदारों और समुदाय के सैकड़ों सदस्यों ने उनकी तत्काल रिहाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई ने न केवल परिवार को तोड़ दिया, बल्कि एक बुजुर्ग महिला के मूल अधिकारों का भी हनन किया। इस बीच, अमेरिकी सांसद जॉन गारामेंडी ने कौर की डिपोर्टेशन पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक ७३ साल की महिला, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और जो समुदाय में सम्मानित हैं, उन्हें निशाना बनाना गलत है।’

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