-मुंबई पुलिस ने किया अंतर्राष्ट्रीय नेक्सस का भंडाफोड़
-गिरोह के ८ सदस्य गिरफ्तार…३० लाख रुपए के १८३ फोन बरामद
सगीर अंसारी / मुंबई
मुंबई जैसे महानगर में मोबाइल चोरी आम बात लग सकती है, लेकिन इसी एक छोटी-सी वारदात ने पुलिस को हैरान कर देने वाला सच दिखा दिया। चुनाभट्ठी इलाके से ३५ हजार रुपए के आईफोन चोरी की दर्ज हुई एक शिकायत ने अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल चोर रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई ने एक ऐसे संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो न केवल मुंबई बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों और पड़ोसी देशों तक पैâला हुआ है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने १८३ महंगे मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत ३० लाख ४८ हजार रुपए है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में सचिन लक्ष्मण गायकवाड, तौसिफ अयूब सिद्दीकी, अमर गौरीलाल शंकर, निसार असिक आलम, सादिक अली शेख, मुर्शीद मंसूर सिद्दीकी और प्रदीप विश्वनाथ गुप्ता व अजीजुर अनीसुर रहमान हैं।
बांग्लादेशी आरोपी भी रडार पर
अब तक की जांच में छह और आरोपी सामने आए हैं, जिनमें कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी जल्द होगी और इससे गिरोह की और भी परतें खुलेंगी।
पुलिस की रणनीति बनी गेम-चेंजर
पुलिस के अनुसार, यह गैंग बेहद चालाकी से काम करता था और चोरी के बाद मोबाइल को तुरंत आगे बेच देता था। लेकिन पुलिस की तांत्रिक मदद, गुप्त सूत्र और टीमवर्क ने पूरे नेटवर्क को धर दबोचा।
संगठित अपराध को करारा झटका
मुंबई पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय मोबाइल चोरी और तस्करी करने वाले संगठित गिरोहों को बड़ा झटका लगा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ऐसे गिरोह पहले चोरी, फिर री-सेल और उसके बाद विदेश तक स्मगलिंग की पूरी चैन बनाकर काम करते हैं, लेकिन चुनाभट्ठी पुलिस की यह कार्रवाई उनके लिए भारी साबित हुई है। मुंबई पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध कितना भी संगठित और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैला क्यों न हो, कानून की पकड़ से बचना नामुमकिन है।
गुप्त सूत्रों व टेक्नोलॉजी से लगा सुराग
डीसीपी समीर शेख और चुनाभट्टी थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना, तकनीकी संसाधनों और पूछताछ कर इस गिरोह तक पहुंच बनाई और कड़ी से कड़ी जोड़कर इस पूरी चेन का भंडाफोड़ कर दिया। जांच के दौरान पता चला कि यह नेक्सस चोरी किए गए मोबाइल तुरंत अलग-अलग चैनलों से विदेश तक सप्लाई करता था।
