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नाग पंचमी पर खुला जैतपुरा का प्राचीन नागकूप, नागलोक के दर्शन को उमड़ी भक्तों की भीड़

उमेश गुप्ता / वाराणसी

काशी की धार्मिक नगरी में नाग पंचमी के दिन श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। जैतपुरा स्थित प्राचीन नागकूप-कारकोटक वापी के कपाट साल में सिर्फ एक बार नाग पंचमी पर खोले गए। इस अवसर पर नाग देवता और नागेश्वर महादेव का विशेष दर्शन-पूजन और अनुष्ठान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सुबह से ही नागकूप परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मान्यता है कि इस कूप का संबंध सीधे पाताल लोक यानी नागलोक से है। इसलिए दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने कूप में जल अर्पित कर नाग देवता का आशीर्वाद लिया।
यह काशी के सबसे प्राचीन नागकूपों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहां नागराज कारकोटक की पूजा होती है। इसे लेकर धार्मिक मान्यता है कि यह पाताल लोक का मार्ग है। कहा जाता है कि नाग पंचमी के दिन इस कूप का द्वार खुलते ही नागलोक की ऊर्जा सीधे धरती पर आती है।
नाग पंचमी पर यहां विशेष पूजा का विधान है। कालसर्प दोष से मुक्ति, सर्प भय से रक्षा और मनोकामना पूर्ति के लिए भक्त विधि-विधान से पूजन और हवन करते हैं।
भोर में नागकूप के खुलते ही श्रद्धालुओं की लाइन लग गई थी। कई श्रद्धालु रात से ही कतार में खड़े थे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने कूप के जल से आचमन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए थे।
स्थानीय पंडितों के अनुसार, “जो भक्त सच्चे मन से नाग पंचमी पर यहां दर्शन करते हैं, उन्हें सर्प दोष और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि हर साल इस दिन यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।”

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