उमेश गुप्ता / वाराणसी
काशी में नाग पंचमी के अवसर पर भारी गदा और भारी मुगदर भांजने तथा शारीरिक सौष्ठव दिखाने की परंपरा काफी प्राचीन है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी अखाड़े की शुरुआत की थी, जो सबसे पुराने अखाड़ों में से एक माना जाता है। बनारस में एक से बढ़कर एक अखाड़े हैं, जिन्होंने देश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पहलवान दिए हैं।
नाग पंचमी का पर्व काशी में बड़े ही उत्साह और पारंपरिक अंदाज में मनाया गया। इस पर्व के अवसर पर वाराणसी के विभिन्न अखाड़ों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ कुश्ती-दंगल का आयोजन किया गया। अखाड़ों में पहलवानों ने कुश्ती, जोड़ी और गदा फेरने की कला का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
वाराणसी के फुलवरिया के पहलूपुरा में नाग पंचमी के दिन कुश्ती का आयोजन किया गया, जहां पहलवान अखाड़े की मिट्टी में उतरकर कुश्ती की प्रतिभा का प्रदर्शन करते दिखाई दिए। यहां बच्चों से लेकर युवाओं तक ने भाग लिया। वहीं, काशी में यह परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। नाग पंचमी के विशेष दंगल में दूर-दूर से पहलवान भी पहुंचते हैं। विजेता पहलवानों को नकद पुरस्कार के साथ माला, दुपट्टा और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
अखाड़ा बड़ा गणेश में कुश्ती-दंगल का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन स्वर्गीय उस्ताद अखाड़े के लल्लू पहलवान की याद में किया जाता है। अनेक अखाड़ों से एक से बढ़कर एक पहलवानों ने भाग लिया और एक-दूसरे को पटखनी देकर अपने-अपने पुरस्कार प्राप्त किए। पुरस्कार के रूप में बाल्टी, गदा, शील्ड, मेडल, गमछा, दुपट्टा सहित नकद राशि विजयी पहलवानों को दी गई। अखाड़े में पुराने चर्चित पहलवानों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर बाबुल पहलवान, कल्लू पहलवान, नरेश पहलवान, कुंवर पहलवान सहित बड़ी संख्या में पहलवान उपस्थित थे, जो नए पहलवानों का उत्साहवर्धन कर रहे थे।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के बचऊ वीर अखाड़ा में नाग पंचमी के पावन अवसर पर भव्य दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दंगल में बच्चों से लेकर बड़े पहलवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन किया।
बड़े पहलवानों के बीच गुल्लू पहलवान और काशी पहलवान का दंगल बराबरी पर छूटा। वहीं, सपा नेता अमन यादव और भाजपा पार्षद राम सिंह कल्लू के बीच हुए रोमांचक मुकाबले में 5,100 रुपये का पुरस्कार रखा गया। यह मुकाबला भी बराबरी पर छूटा।
दंगल प्रतियोगिता में मुख्य रूप से संकटा प्रसाद यादव, सुनील यादव, श्रीराम फौजी, बाबूलाल यादव एवं रवि यादव सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
