मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
बांदा शहर के बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रहे दो छात्रों की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां के डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एएसपी शिवराज के अनुसार, यह पूरा मामला गिरवां थाना क्षेत्र के सरस्वाह गांव का है, सुनील का 12 वर्षीय पुत्र नितिन बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई करता था। सोमवार शाम करीब सात बजे उसकी अचानक तबीअत बिगड़ गई, विद्यालय प्रबंधन के द्वारा गंभीर हालत में नितिन को जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके अलावा तिंदवारी निवासी पुष्कर का 10 वर्षीय पुत्र अरुण भी इसी आवासीय विद्यालय का छात्र था, उसे भी शाम करीब छह बजे ट्रामा सेंटर ले जाया गया। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
दोनों छात्रों की मौत की सूचना मिलते ही विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया।सोमवार की दोपहर एक योगेश नाम के छात्र की भी हालत बिगड़ गई और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां पर उसका उपचार चल रहा है। छात्र के पेट में दर्द होने की शिकायत थी। जिसके बाद इसे यहां पर भर्ती कराया गया है। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए मृतक छात्र अरुण की मां प्रीति व अरुण के बड़े भाई उत्कर्ष जो उस विद्यालय का छात्र भी है। उसने बताया कि विद्यालय में अच्छा खाना नहीं दिया जा रहा है और जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अच्छे से इलाज नहीं कराया गया। जिसके चलते दोनों की मौत हो गई। अरुण की मां ने बताया कि घटना की जानकारी आज सुबह हमें दी गई है।एएसपी शिवराज ने बताया कि थाना कोतवाली नगर स्थित आवासीय विद्यालय में एक 12 और 8 वर्षीय बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ने से इलाज इलाज के दौरान मौत हो गई। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।”
