राजेश सरकार / प्रयागराज
इंडियन पब्लिक स्कूल के हाई स्कूल छात्र की मौत मामले में तूल पकड़ लिया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार को परिजन शिवम के शव को लेकर धूमनगंज पुलिस चौकी पहुंचे और शव को चौराहे पर रखकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस के साथ परिजन की शव को कब्जे में लिए जाने को लेकर छीना-झपटी भी हुई। परिजन ने स्कूल और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजन का आरोप है कि शिवम की मौत का जिम्मेदार है। स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण छात्र की मौत हुई है। इसी के विरोध में परिजन चौराहे पर धरना देकर न्याय की मांग पर अड़े रहे। जाम लगने से प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर घंटों तक अफरा-तफरी बनी रही। इस दौरान वाहनों की लंबी लाइन लगी रही और रेंगते नजर आए। जाम में एम्बुलेंस भी फंसी थी जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने परिजन को समझाने की कोशिश की और काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। स्कूल प्रशासन के खिलाफ परिजन के आरोपों की जांच में पुलिस जुट गई है। ध्यान दिला दें कि प्रयागराज के धूमनगंज थानाक्षेत्र में भोला का पूरा निवासी अमर सिंह का 14 वर्षीय बेटा शिवम इंडियन पब्लिक स्कूल, ट्रांसपोर्ट नगर में 10वीं कक्षा में पढ़ता था। शिवम रोज की तरह गुरुवार को स्कूल गया था। कह कर गया था कि स्कूल में स्पोर्ट्स डे था, इसलिए वह देर से घर लौटेगा। दोपहर में पड़ोसी अभय यादव ने परिवार को सूचना दी कि शिवम की अचानक तबीयत बिगड़ गई है।
जल्दी आ जाइए। स्कूल वाले उसे नारायण स्वरूप अस्पताल ले गए हैं। परिजन का आरोप है कि जब वे नारायण स्वरूप अस्पताल पहुंचे, तो स्कूल प्रबंधन के लोग बच्चे को लेकर दूसरे अस्पताल यूनाइटेड मिड सिटी ले जा चुके थे। वहां पहुंचने पर उन्होंने बच्चे के हाथ और पैर में बिजली से जलने के निशान देखे हैं। परिवार के विरोध के बाद शिवम को बेहोश बताकर स्वरूपरानी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार ने बच्चे की मौत के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए धूमनगंज पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
