द्रुप्ति झा / मुंबई
एमएमआरडीए की लापरवाही और अनदेखी की वजह से लगातार कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उसके बावजूद भी मेट्रो कार्य के दौरान कई लापरवाही सामने आती हुई नजर आ रही है, लेकिन प्रशासन की आंखें नहीं खुल रही हैं।
फिर एक बार बड़ी घटना सामने आई है, जहां पर मुंबई के बीकेसी में मेट्रो लाइन २बी के निर्माण कार्य के दौरान एक बीम को उठाते समय तकनीकी खराबी के कारण अचानक ४०० टन की क्रेन पलट गई। यह घटना बीकेसी में एशियन हार्ट हॉस्पिटल जंक्शन के पास हुई। एमएमआरडीए और ठेकेदार की इस लापरवाही की वजह से बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
इस दुर्घटना से मुंबई के कॉर्पोरेट हब के आसपास अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद यातायात जाम को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए। हालांकि, घटना के तुरंत बाद मेट्रो लाइन २बी के स्थल पर सुरक्षा जांच की शुरुआत की गई है। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं मिली। बता दें कि यह दुर्घटना ठेकेदार द्वारा रात के समय किए जा रहे काम के दौरान हुई। पलटे हुए उपकरण को सुरक्षित रूप से हटाने के लिए ६०० टन की एक क्रेन मंगवाई गई। एमएमआरडीए के निदेशक बसवराज एमबी ने कहा कि हमारी प्रारंभिक जांच के अनुसार, एक क्रेन के लिफ्टिंग बूम में गियर की खराबी आ गई थी। खराबी के बाद भार दूसरी क्रेन पर स्थानांतरित हो गया, जिससे वह झुक गई थी और हादसा हुआ, लेकिन यहां यह सवाल खड़ा होता है, क्या एमएमआरडीए प्रशासन की आंखें बार-बार घटना होने के बाद ही खुलती है।
अभी हाल ही में मुंबई के मुलुंड (पश्चिम) में हुए एक गंभीर मेट्रो हादसे में निर्माणाधीन मेट्रो पिलर के गिरने से एक की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए थे। ऐसी घटनाओं की वजह से एमएमआरडीए के बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों में कथित लापरवाही और अनदेखी के कारण मुंबईकरों में आक्रोश बढ़ रहा है। शहर में जारी मेट्रो और अन्य बुनियादी ढांचे के काम से लोगों की परेशानियां कम होने के बजाय बढ़ रही हैं। परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो रही हैं, जिससे आम जनता को असुविधा हो रही है। इन घटनाओं के कारण एमएमआरडीए के कामकाज पर सवाल उठाए जा रहे हैं और इसके कार्यों की गहन जांच की मांग की जा रही है।
