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उत्तर की बात: सहयोगी के सवालों से घिरी सरकार

रोहित माहेश्वरी लखनऊ

सहयोगी के सवालों से घिरी सरकार

गाजीपुर के चर्चित कमलेश बिंद एनकाउंटर को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। खास बात यह है कि इस बार सवाल विपक्ष की ओर से नहीं, बल्कि भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में वैâबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद की ओर से उठाए गए हैं। उनके बयान ने सरकार की कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है। डॉ. निषाद ने कहा है कि कमलेश बिंद विनीत राय हत्याकांड का मुख्य आरोपी नहीं था और किसी भी व्यक्ति को न्यायिक प्रक्रिया से पहले मुठभेड़ में मार देना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीबी-सीआईडी जांच कराने की बात भी कही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस ने सही कार्रवाई की है तो मामले के अन्य आरोपियों के खिलाफ भी उसी गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए।
हाई कोर्ट की बैक-टू-बैक दूसरी फटकार
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को इलाहाबाद हाई कोर्ट से लगातार दूसरा बड़ा झटका लगा है। जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यूपी में आपराधिक जांच की बेहद खराब गुणवत्ता पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रमुख सचिव गृह का आचरण प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है जैसे उन्हें अदालत के आदेशों की कोई परवाह ही नहीं है। कोर्ट ने सरकार से सवाल किया कि अदालत की अवहेलना करने वाले ऐसे अधिकारी के खिलाफ नियमों के मुताबिक, विभागीय कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। इस मामले की अगली सुनवाई अब १५ जुलाई को होगी।
राम मंदिर चढ़ावे पर विवाद
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की करोड़ों रुपए की राशि गायब होने के आरोपों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस मामले को गंभीर बताते हुए न्यायालय से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि नियमित ऑडिट में अब तक कोई वित्तीय अनियमितता नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि आंतरिक और बाहरी ऑडिट लगातार जारी है तथा सभी लेखे-जोखे पारदर्शी हैं।

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