-सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल सहित दर्जनों कार्यकर्ता गिरफ्तार
उमेश गुप्ता / वाराणसी
नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ अपना दल (कमेरावादी) का विरोध प्रदर्शन सोमवार को वाराणसी में भारी हंगामे के बीच संपन्न हुआ। सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने 12 घंटे के भीतर पुलिस प्रशासन को दो बार चकमा देकर न केवल वाराणसी में प्रवेश किया, बल्कि कड़ी घेरेबंदी के बावजूद चेहरा ढंककर बीएचयू (BHU) सिंह द्वार तक पहुँचने में सफल रहीं। हालांकि, प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय की ओर मार्च शुरू करते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
पल्लवी पटेल का लखनऊ से वाराणसी तक का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रहा। रविवार देर रात पुलिस ने उन्हें जौनपुर में ही रोकने की कोशिश की। लेकिन पुलिस से बातचीत के दौरान ही विधायक पल्लवी पटेल अपनी कार छोड़कर खेतों के रास्ते निकल गईं। करीब एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद वह एक सामान्य ऑटो में सवार होकर वाराणसी की सीमा में दाखिल हुईं और रातभर एक कार्यकर्ता के घर पर रुकी रहीं।
सोमवार दोपहर बीएचयू सिंह द्वार पर पुलिस का कड़ा पहरा था। सुरक्षा व्यवस्था लेने स्वयं मोहित अग्रवाल भी मौजूद थे।चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात थी, ताकि विधायक प्रदर्शन स्थल तक न पहुंच सकें। इसके बावजूद, पल्लवी पटेल दुपट्टे से अपना चेहरा ढंककर सफलतापूर्वक बीएचयू गेट पहुंच गईं। उनके अचानक प्रकट होते ही कार्यकर्ताओं में जोश भर गया और सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू हो गई।
प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक की सीबीआई जांच, लेखपाल भर्ती परीक्षा दोबारा कराने और यूपीएसआई परीक्षा का स्कोरकार्ड जारी करने की मांग उठाई। उन्होंने दोषियों पर रासुका (NSA) लगाने की भी अपील की।
प्रदर्शन के पूर्व कई नेताओं को पहले ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया था जिसके चलते मौके पर प्रदर्शनकारियों की अपेक्षाकृत भीड़ कम रही लेकिन जैसे ही पल्लवी पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय की ओर कूच किया, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। तीखी नोक-झोंक के बाद पुलिस ने पल्लवी पटेल, प्रदेश महासचिव गगन प्रकाश यादव, राजेश प्रधान, रामशिला पटेल और अजय सिंह समेत कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
