मुख्यपृष्ठग्लैमर"कला, जिम्मेदारी और ग्लोबल सोच—अक्षय सिंह की सिनेमा यात्रा"

“कला, जिम्मेदारी और ग्लोबल सोच—अक्षय सिंह की सिनेमा यात्रा”

हिमांशु राज

मनोरंजन जगत में अक्षय सिंह एक ऐसे फिल्मकार के रूप में पहचान बना चुके हैं, जो सिनेमा को सिर्फ़ मनोरंजन का साधन नहीं मानते, बल्कि उसे समाज और समय की सच्चाइयों को सामने रखने का एक ज़रिया समझते हैं। लेखक, निर्देशक और निर्माता के रूप में उन्होंने लम्बा अनुभव अर्जित किया है। उनकी प्रोडक्शन कंपनी अक्षिखा एंटरटेनमेंट के तहत बनी पहली फीचर फिल्म पिंकी ब्यूटी पार्लर 14 अप्रैल 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और समीक्षकों व दर्शकों से समान रूप से सराहना प्राप्त की। यह फिल्म रंगभेद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर आधारित थी और अपनी रिलीज़ से पहले 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में प्रदर्शित हो चुकी थी, जिनमें कान्स, आईएफएफआई, मेलबर्न और मॉस्को जैसे बड़े नाम शामिल थे।कला और निर्देशन का नज़रियाअक्षय सिंह मानते हैं कि कलाकार वह है जो न सिर्फ वर्तमान, बल्कि आने वाले कल की आहट को अपनी कला से व्यक्त कर सके। उनके अनुसार, कलाकार भविष्य का साक्षी और सहभागी दोनों होता है। निर्देशन के बदलते परिवेश पर उनका मानना है कि डिजिटल युग ने इस क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए हैं। अब दर्शक किसी शहर या देश तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वैश्विक स्तर पर हर कहानी से जुड़ सकते हैं। यही अनुभव उनकी फिल्म पिंकी ब्यूटी पार्लर के माध्यम से सामने आया, जिसे भारत के साथ-साथ विदेशों में भी भरपूर सराहना मिली।ओटीटी और ज़िम्मेदारी आज ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने रचनात्मकता को नई उड़ान दी है, लेकिन इसके साथ बोल्ड कंटेंट पर विवाद भी जुड़ा हुआ है। सामना के लिए हिमांशु राज़ के इस सवाल पर अक्षय का स्पष्ट मत है कि स्वतंत्रता का सही उपयोग तभी है जब वह ज़िम्मेदारी के साथ जुड़ा हो। वे मानते हैं कि बोल्ड दृश्य तभी उचित हैं जब वे कहानी या किरदार की आवश्यकता से पैदा हों, सिर्फ़ ‘शॉक वैल्यू’ के लिए ऐसे दृश्य फिल्माना उन्हें सही नहीं लगता। उनकी अपनी कोशिश सदैव यही रहती है कि उनकी कहानियाँ संबंधों, भावनाओं और संवेदनाओं के ज़रिए दर्शकों को प्रभावित करें।नई रचनात्मक दिशाएँ फीचर फिल्मों के अतिरिक्त अक्षय ने वेब सीरीज़ “अस्सी नब्बे पूरे सौ” और आजकल चर्चा का विषय बनी सीरीज “नाम गुम जाएगा” का भी निर्देशन और निर्माण किया है। इन प्रोजेक्ट्स ने उन्हें नए दर्शकों तक पहुँचने का अवसर दिया। वर्तमान में वे विभिन्न शैलियों में नई फिल्में और सीरीज़ विकसित कर रहे हैं।अक्षय सिंह के लिए सिनेमा का अर्थ है स्थानीय जड़ों से जुड़ते हुए वैश्विक संवेदनाओं को दर्शाना। यही सोच उन्हें समकालीन फिल्मकारों से अलग बनाती है और उनके काम को विशेष पहचान प्रदान करती है।

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