मुख्यपृष्ठस्तंभबा-खबर :  सीबीएसई का ‘री-इवैल्युएशन' कांड!

बा-खबर :  सीबीएसई का ‘री-इवैल्युएशन’ कांड!

एम एम एस

सीबीएसई यानी सेंट्रल बोर्ड का सेकंडरी एजुकेशन… भाई कॉलर टाइट हो जाती है, जब कहते हैं कि बच्चा स्टेट बोर्ड नहीं सेंट्रल बोर्ड का स्टूडेंट है! लेकिन जिस तरह एजुकेशन सिस्टम में सीबीएसई की ऐसी की तैसी कर रखी है, उस पर न बोलना ही उचित है! और इसका श्रेय किसे जाता है, इसका जिक्र करने की भी कोई जरूरत नहीं है! कभी-कभी लगता है स्टेट बोर्ड क्या बुरा है! हालांकि उधर भी हालात बहुत अच्छे नहीं है!
लौटते हैं सीबीएसई बोर्ड पर…
यहां पर १२वीं के नतीजे आए और वहां पर बच्चों और पेरेंट्स की दिल की धड़कन बढ़ गई! ब़ढ़े भी क्यों नहीं! जब स्टूडेंट को उसके एक्सपेक्टेशन से कम मार्क्स मिलेंगे तो बेशक वह अपने आंसर शीट की ‘री वैल्युएशन’ करवाएगा ही! उसके लिए पैसे भी भरेगा… लेकिन जब नतीजे में पोर्टल पर उसे अपने आंसर शीट की जगह किसी दूसरे स्टूडेंट की आंसर शीट दिखाई दे तो उसकी हालत क्या होगी? सीबीएसई बोर्ड को इसकी क्या पड़ी है कि ऐसी गड़बड़ी हो रही है। एक का आंसर शीट किसी दूसरे को दिखाई दे!
वो तो बच्चों ने इस गड़बड़ी को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया और रायता पैâल गया! बोर्ड हड़बड़ा कर जागा और बोला ‘सब ठीक-ठाक हो जाएगा डोंट वरी! छोटी मोटी गलती है ठीक हो जाएगी!’ बेचारे स्टूडेंट…!

अन्य समाचार