मुख्यपृष्ठअपराध‘दिव्य अवतार' के नाम पर हैवानियत!

‘दिव्य अवतार’ के नाम पर हैवानियत!

-पुणे के बंगले से पकड़ा गया स्वयंभू बाबा…गुप्त सुरंग और करोड़ों के राज उजागर

– महिला को पिलाया पेशाब और दिए बिजली के झटके

-सात सहयोगी भी गिरफ्तार

सामना संवाददाता / पुणे

आस्था की आड़ में कथित तौर पर हैवानियत का ऐसा खेल सामने आया है, जिसने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। पुणे के वाघोली स्थित एक आलीशान बंगले में चल रहे तथाकथित गुरुकुल पर पुलिस की छापेमारी में स्वयंभू गुरु राधामोहन मिश्रा (५९) समेत उसके सात सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें छह महिलाएं भी शामिल हैं। सभी आरोपियों को अदालत ने २० जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार ४१ वर्षीय पीड़िता, जो एक प्रतिष्ठित निजी कंपनी में कार्यरत है, की शिकायत पर खराड़ी पुलिस ने यह कार्रवाई की। महिला ने आरोप लगाया है कि स्वयं को ‘दिव्य अवतार’ बताने वाला आरोपी पिछले १५ वर्षों से उसका यौन और मानसिक शोषण करता रहा। शिकायत में कई गंभीर और अमानवीय आरोप लगाए गए हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस को बंगले से १९ हार्ड डिस्क, १२ लैपटॉप, एक टैबलेट, ११ मोबाइल फोन, डीवीडी, सीडी, २३ पेनड्राइव, करीब १५ लाख रुपए के आभूषण और ६.५ लाख रुपए नकद बरामद हुए। जांच अधिकारियों को उस समय और भी हैरानी हुई, जब बंगले के नीचे से भागने के लिए बनाई गई एक गुप्त सुरंग का भी पता चला। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के मुताबिक, मुख्य आरोपी मूल रूप से हरियाणा का निवासी है और पिछले आठ वर्षों से पुणे में निजी आश्रम संचालित कर रहा था। पीड़िता के परिवार की आरोपी और उसके सहयोगियों से लगभग डेढ़ दशक पुरानी पहचान थी। इसी विश्वास और अंधभक्ति का कथित तौर पर फायदा उठाकर आरोपी ने महिला को अपने प्रभाव में रखा। महिला का आरोप है कि आरोपी ने न केवल उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया, बल्कि उसके वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित किया।
महिला के साथ अमानवीयता
महिला का आरोप है कि आरोपी बाबा खुद को दिव्य अवतार बताता है। पुणे और बाहर कई जगहों पर उसके भक्त मौजूद हैं। इसी ताकत के दम पर बाबा ने पिछले १५ सालों से कई बार उसके साथ यौन और मानसिक शोषण किया है। इतना ही नहीं बाबा ने उसे पेशाब पीने के लिए मजबूर किया और कई बार बिजली के झटके भी दिए।

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