-इस नाम से मिलती-जुलती भेजी जा रही हैं फाइलें
-इनमें छिपे मॉलवेयर फोन कर सकते हैं हैक
सामना संवाददाता / मुंबई
दुनिया भर में इस समय डर और अनिश्चितता का माहौल बढ़ता दिख रहा है। हाल ही में पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम कल्चर को बढ़ावा देने की बात कही। पीएम ने ये भी कहा कि वर्क प्रâॉम होम के साथ लोगों को तेल बचाने को लेकर भी सोचना होगा। पीएम की स्पीच के बाद से सोशल मीडिया और व्हॉट्सऐप पर लॉकडाउन नोटिस नाम से कई मैसेज वायरल होने लगे। कहीं लॉकडाउन नाम का पीडीएफ शेयर किया जा रहा है तो कहीं एडवाइजरी। इसी डर का फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, व्हॉट्सऐप, टेलिग्राम और दूसरे मैसेजिंग ऐप्स पर ‘लॉकडाउन’ नाम से फाइल भेजी जा रही हैं।
देखने में ये बिल्कुल सरकारी नोटिस जैसी लगती हैं, इनमें अशोक चिह्न, सरकारी भाषा और फर्जी आदेश तक डाले जा रहे हैं, ताकि लोग इसे असली समझ लें। गौरतलब है कि ऐसे मामलों में ऐसे पीडीएफ या लिंक के अंदर खतरनाक फाइल, फिशिंग लिंक या मैलवेयर छिपा हो सकता है। जैसे ही यूजर उस फाइल को डाउनलोड करता है या अंदर दिए लिंक पर क्लिक करता है, उसका फोन हैक होने का खतरा बढ़ सकता है। कई बार यूजर को नकली वेबसाइट पर भेज दिया जाता है, जहां उससे बैंक डिटेल, ओटीपी या दूसरी निजी जानकारी मांगी जाती है। साइबर ठगी का तरीका अब पहले से ज्यादा स्मार्ट हो चुका है। हैकिंग और स्कैम का तरीका बदल रहा है।
भावनाओं का इस्तेमाल
पहले सिर्फ फेक एसएमएस आते थे, लेकिन अब स्कैमर्स लोगों के डर और भावनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। कोविड लॉकडाउन की यादें अभी भी लोगों के दिमाग में ताजा हैं। ऐसे में फिर से लॉकडाउन लगने वाला है जैसे मैसेज तेजी से वायरल हो जाते हैं। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि पीडीएफ फाइल हमेशा खतरनाक नहीं होती, लेकिन कई बार उसके अंदर लिंक, स्क्रिप्ट या दूसरी फाइल छिपाई जा सकती है।
