मुख्यपृष्ठनए समाचारअब दादा गुट की छवि सुधारेंगे पीके!..२०२९ मिशन की तैयारी शुरू

अब दादा गुट की छवि सुधारेंगे पीके!..२०२९ मिशन की तैयारी शुरू

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। दादा गुट ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए चुनावी रणनीति को धार देने की तैयारी शुरू कर दी है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, चर्चित चुनावी रणनीतिकार पीके उर्फ प्रशांत किशोर जल्द ही दादा गुट के रणनीतिकार के रूप में काम शुरू करने वाले हैं।
इस मामले में १९ मई को हुई महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार, सांसद पार्थ पवार और प्रशांत किशोर के बीच विस्तृत चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पार्टी के भविष्य की राजनीतिक दिशा और संगठनात्मक रणनीति पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बताया जा रहा है कि बैठक के बाद कानूनी और औपचारिक प्रक्रियाएं अगले दो दिनों में पूरी कर ली जाएंगी। इसके बाद प्रशांत किशोर की कंपनी आधिकारिक रूप से काम शुरू करेगी। जानकारी के मुताबिक, १ जून से प्रशांत किशोर, दादा गुट के चुनावी रणनीतिकार के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। राजनीतिक गलियारों में इस पैâसले को २०२९ के चुनावी मिशन की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले तीन साल महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। ऐसे में दादा गुट संगठन विस्तार, जनाधार मजबूत करने और चुनावी रणनीति को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में जुट गया है। पार्टी सूत्रों का मानना है कि प्रशांत किशोर की एंट्री से राष्ट्रवादी कांग्रेस को बूथ मैनेजमेंट, डेटा आधारित चुनावी रणनीति और जनसंपर्क अभियान में बड़ा फायदा मिल सकता है।
मोदी, ममता, नीतीश के रणनीतिकार
प्रशांत किशोर देश के सबसे चर्चित चुनावी रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। उन्हें राजनीतिक जगत में ‘पीके’ के नाम से भी जाना जाता है। २०१४ के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के लिए सफल चुनाव अभियान तैयार करने के बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुए थे। इसके बाद उन्होंने कई बड़े दलों और नेताओं के लिए चुनावी रणनीति तैयार की, जिनमें नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, जगन मोहन रेड्डी और एम के स्टॅलिन जैसे नाम शामिल हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस, वाईएसआर कांग्रेस, डीएमके और आम आदमी पार्टी जैसे कई दलों के लिए भी सफल रणनीतियां बनाई हैं। राजनीति में आने से पहले प्रशांत किशोर संयुक्त राष्ट्रसंघ से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी काम कर चुके हैं।

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