मुख्यपृष्ठस्तंभटिन्नू के खुलासों से फंस सकते हैं बड़े चेहरे!

टिन्नू के खुलासों से फंस सकते हैं बड़े चेहरे!

-आखिर किसे बचाने के लिए हटाई गई सीसीटीवी फुटेज?

-यह भी कहा जा रहा है कि बैंक कर्मी ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के दबाव में रहते थे, इसलिए वे खुलकर हस्तक्षेप नहीं कर पाते थे।

कब दर्ज होगी एफआईआर?

इस मामले में पकड़े गए पांच संदिग्धों से भी एसआईटी ने पूछताछ की है। उनके पास से रकम बरामद होने की बात भी सामने आई है। सूत्रों का कहना है कि इन संदिग्धों ने पूछताछ में कई नामों का खुलासा किया है। जांच टीम अब इन बयानों की तस्दीक कर रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या एसआईटी की जांच पूरी होने से पहले एफआईआर दर्ज कराई जाएगी या जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

बैंक की भूमिका भी जांच के घेरे में
दान राशि की गिनती प्रक्रिया में बैंककर्मियों की भूमिका अहम मानी जाती है। गिनती बैंक कर्मियों की मौजूदगी में होती थी। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की शुरुआती जांच में बैंक स्तर पर भी लापरवाही के संकेत मिले हैं। प्रक्रिया में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि बैंक कर्मी ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के दबाव में रहते थे, इसलिए वे खुलकर हस्तक्षेप नहीं कर पाते थे। जांच टीम इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि गिनती प्रक्रिया में निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी और किस स्तर पर चूक हुई।

राम मंदिर दान राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में हर दिन नई कड़ियां जुड़ती जा रही हैं। जैसे-जैसे एसआईटी की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह आशंका गहराती जा रही है कि इस पूरे मामले में केवल छोटे कर्मचारियों या संदिग्धों को आगे कर असली जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश की जा रही है। जांच टीम को ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एसआईटी की टीम सोमवार से अयोध्या में डेरा डाले हुए है। पहले दिन टीम ने करीब साढ़े सात घंटे और मंगलवार को लगभग ११ घंटे मंदिर परिसर में रहकर जांच की। बुधवार को भी जांच का सिलसिला जारी रहा। सुबह करीब १० बजे टीम मंदिर परिसर पहुंची। इस दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई पदाधिकारी, कर्मचारी,पुजारी और बैंककर्मी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी वैâमरों की स्थिति, रिकॉर्डिंग सिस्टम और फुटेज से जुड़े तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की। इसी दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे आशंका है कि कथित चोरी के बाद सुबूत मिटाने के लिए फुटेज से छेड़छाड़ की गई हो सकती है। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि फुटेज हटाई या बदली गई, तो ऐसा किसे बचाने के लिए किया गया?
सवालों के जवाब नहीं दे पा रहे जिम्मेदार
एसआईटी ट्रस्ट से जुड़े कई पदाधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, कई सवालों पर जिम्मेदार लोग स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कुछ सवालों के गोलमोल उत्तर दिए जा रहे हैं। दान राशि से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर भी जांच टीम पूरी तरह संतुष्ट नहीं बताई जा रही है, क्योंकि कई प्रविष्टियां अस्पष्ट बताई गई हैं। इसी वजह से जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि विशेष जांच दल ने पूछताछ के लिए करीब २०० लोगों की सूची तैयार की है। इनमें से लगभग सवा सौ लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। कुछ लोगों को एक से अधिक बार बुलाकर सवाल-जवाब किए गए हैं।
टिन्नू ने पूछताछ में अनिल मिश्रा का नाम लिया
एसआईटी ने तीसरे दिन रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने उससे उसके कार्य और खासतौर पर दान राशि की गणना में उसकी भूमिका को लेकर सवाल किए। टिन्नू ने सीधे तौर पर किसी भी तरह की गड़बड़ी या चोरी में अपनी भूमिका से इनकार किया। पूछताछ के दौरान टिन्नू ने कहा कि वह मंदिर की अन्य व्यवस्थाएं देखता था और दान राशि की गिनती से उसका कोई सीधा संबंध नहीं था। सूत्रों के अनुसार, उसने ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा का नाम लेते हुए कहा कि इस व्यवस्था की जिम्मेदारी उनसे जुड़ी थी। इसके साथ ही उसने तीन गणना इंचार्जों का भी जिक्र किया और कहा कि दान राशि की गिनती की जिम्मेदारी उन्हीं लोगों पर थी। सूत्रों का कहना है कि टिन्नू से अभी आगे भी पूछताछ हो सकती है। जांच टीम उसके बयानों का मिलान रिकॉर्ड, सीसीटीवी सिस्टम, बैंक दस्तावेजों और अन्य कर्मचारियों के बयानों से कर रही है।
फिलहाल मामला केवल चोरी या गड़बड़ी तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि अब जांच इस दिशा में भी बढ़ती दिखाई दे रही है कि क्या दान राशि में कथित अनियमितता को दबाने और सुबूत मिटाने की कोशिश की गई। यदि सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ की पुष्टि होती है, तो इस मामले में कई बड़े चेहरे जांच के घेरे में आ सकते हैं। ताजा उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, एसआईटी ने तीसरे दिन दान रिकॉर्ड, बैंक दस्तावेजों और काउंटिंग हॉल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की तथा टिन्नू समेत कई लोगों से पूछताछ की। अभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और एफआईआर की स्थिति स्पष्ट नहीं बताई गई है।

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