अनिल मिश्र / पटना
बिहार सरकार द्वारा राज्य में जमीन रजिस्ट्री सिस्टम को विगत 17 अगस्त से पेपरलेस व्यवस्था एवं बेतहाशा रजिस्ट्री शुल्क वृद्धि लागू करने से सूबे के सभी रजिस्ट्री ऑफिस पूरी तरह सुना पड़ा हुआ है, सभी डीड राइटर, मुंशी अपने रोजगार समाप्त होने के खिलाफ रजिस्ट्री ऑफिस पर इस पद्धति को समाप्त कराने हेतु अनिश्चित कालीन धरना पर बैठे हैं,तो दुसरी ओर शुल्क वृद्धि से परेशान ग्रामीण- किसान मजदूर जो अभी भी डिजिटल हस्ताक्षर, ओपीटी से अनभिज्ञ हैं, वो अपने जमीन बेचने, खरीदने हेतु उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है। पिछले कई दिनों से सूबे के विभिन्न रजिस्ट्री ऑफिस में पेपर लेस रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस कराने एवं शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर डीड राइटर ,मुंशी के चल रहे शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का कांग्रेस पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं ने समर्थन कर राज्य सरकार से इस अव्यावहारिक और तकनीकी पद्धति को वापस लेने का मांग राज्य सरकार से किया है। इस बीच गयाजी रजिस्ट्री ऑफिस में गया जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुंना, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, टिंकू गिरी, आदि धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर वहां उपस्थित सैकड़ों डीड राइटर, मुंशी को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लेस रजिस्ट्री व्यवस्था से हज़ारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है, तथा रजिस्ट्री शुल्क सीधे पहले से दुगना होने से किसान, मजदूर, एवं आमजनों को रजिस्ट्री शुल्क देने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच इन सभी नेताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को तकनीकी जानकारी के आभाव में आम लोगों के लिए पेपरलेस डिजिटल व्यवस्था भारी परेशानी बनी हुई हैं, तो इस सिस्टम में साइबर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से भी इंकार नहीं किया जा सकता। इस बीच इन सभी नेताओं ने कहा कि 17 अगस्त 2026 से आज तक सैकड़ों करोड़ राजस्व का नुकसान राज्य सरकार को हुआ है, जबकि राज्य सरकार का वित्तीय स्थिति काफी खराब है। इस बीच इन सभी नेताओं ने सरकार से जनहित में शुल्क वृद्धि और अव्यवहारिक पेपर लेस व्यवस्था को वापस लेने की मांग की है, अन्यथा कॉंग्रेस पार्टी भी चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर देंगी।
