– वध के लिए निर्दयता से बांधकर ले जाई जा रही थीं 7 भैंसें…तीन घायलों को इलाज के लिए भेजा
राजेश सरकार / प्रयागराज
वध के लिए सात बेजुबान भैंसों को पिकअप में ठूंसकर निर्दयता से बांधकर ले जाने का मामला उस समय उजागर हुआ, जब भैंसों से लदी पिकअप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे की चपेट में एक महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। घायलों में डभांव नैनी निवासी महिला सुनीता कुशवाहा (55) पत्नी अरविंद कुशवाहा, अरविंद कुशवाहा (58) पुत्र स्वर्गीय संतलाल कुशवाहा तथा शिवबाबू (45) पुत्र नंदलाल को मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल इलाज के लिए भेज दिया। दुर्घटना के बाद चालक मौके से वाहन छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त पिकअप संख्या UP 95 एटी 3606 की तलाशी ली तो उसके भीतर का नजारा देखकर हर कोई सिहर उठा। वाहन में सात भैंसों को गर्दन, सींग और मुंह को रस्सियों से इस तरह बांधकर लादा गया था कि वे ठीक से हिल-डुल भी नहीं पा रही थीं। उनके मुंह से झाग निकल रहा था और वे हांफ रही थीं। पुलिसकर्मियों ने तत्काल रस्सियां कटवाकर भैंसों को मुक्त कराया। पुलिस के मुताबिक, बरामद सातों भैंसों की उम्र करीब ढाई से पांच वर्ष के बीच है। मौके से फरार चालक के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर नैनी कोतवाली परिसर के बाहर खड़ा करा दिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस ने दिखाई संवेदनशीलता, गौशाला भेजीं भैंसें
मामले में सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस ने सभी सात भैंसों को निजी वाहन से टोंकन के माध्यम से फूलमंडी गौशाला संचालक मुन्ना पाण्डेय की गौशाला में भेज दिया। गौशाला प्रतिनिधि अशोक कुमार सिंह उर्फ ठाकुर ने भैंसों को अपनी सुपुर्दगी में लेकर सुपुर्दगीनामा तैयार किया। पशुओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए स्थानीय पशु चिकित्सालय के चिकित्सक को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
हादसे ने खोली तस्करी की परत
पुलिस की कार्रवाई से यह साफ हुआ कि सड़क हादसा महज दुर्घटना नहीं, बल्कि बेजुबानों के साथ हो रही निर्ममता की तस्वीर भी सामने ले आया। जिस वाहन में सात भैंसों को इस हालत में भरकर ले जाया जा रहा था, उसका चालक हादसे के बाद भाग निकला। अब पुलिस वाहन के नंबर और बरामद भैंसों के आधार पर चालक तथा पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
