सामना संवाददाता / मुंबई
निजी ठेकेदारों को बढ़ावा देकर ‘बेस्ट’ परिवहन व्यवस्था को खत्म करने की साजिश भाजपा सरकार ने रची है। इस तरह का हमला कल शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ‘बेस्ट’ को निधि देने और नई बसों को बेड़े में शामिल करने की बजाय उनकी संख्या कम की जा रही है।
आदित्य ठाकरे ने ‘एक्स’ पर भाजपा सरकार की ‘बेस्ट विरोधी नीति’ की पोल खोली है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय में बस के बेड़े को घटाया गया, लेकिन किराया दोगुना कर दिया गया। इसके चलते आम जनता के लिए सुलभ यात्रा मुंबईकरों की पहुंच से बाहर हो गई है। मुंबईकरों की परेशानियां जब बढ़ रही हैं, तब भाजपा के आशीर्वाद से निजी ठेकेदार मुनाफा कमा रहे हैं।
इसी बीच आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि मुंबई मेट्रो-३ के मार्ग पर सड़कों और फुटपाथों का काम तुरंत पूरा किया जाना चाहिए, लेकिन अंतिम चरण के लिए फिर से वाहन की आवश्यकता पड़ रही है, यह अत्यंत शर्मनाक है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि अंतिम चरण पैदल चलने योग्य होना चाहिए।
१० हजार इलेक्ट्रिक बसें अटकीं
महाविकास आघाड़ी सरकार के समय में ‘बेस्ट’ का किराया स्थिर और आम जनता के लिए सुलभ रखा गया था। साथ ही २०२७ तक १० हजार इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल करने की योजना हमारी थी, लेकिन भाजपा ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसका कारण यह है कि उन्हें मुंबई की असली ‘लाइफलाइन’ समाप्त करनी है।
