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नामांकन वापस लेने के लिए भाजपा दे रही है धमकी! … विपक्ष का गंभीर आरोप

सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य के स्थानीय निकायों के चुनावों में निर्विरोध चुनावों का पैटर्न लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके लिए भाजपा साम-दाम-दंड- भेद सभी का खुलकर इस्तेमाल कर रही है। चिखलदरा नगरपालिका चुनाव में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ममेरे भाई आल्हाद कलोती को निर्विरोध चुने जाने के बाद राजनीतिक वातावरण गर्म हो गया है, क्योंकि वहां कलोती का जमकर विरोध हो रहा था। इनके निर्विरोध चयन के लिए भाजपा द्वारा विपक्षियों को जमकर धमकाया गया। इस चयन को लेकर विपक्ष ने भाजपा, मुख्यमंत्री फडणवीस और विधायक रवि राणा पर तीखा हमला बोला है।
आल्हाद कलोती नगरसेवक के लिए उम्मीदवार थे। उनके सामने वाले प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के नाम वापस लेने के कारण वे निर्विरोध विजयी हो गए। यह चुनाव निर्विरोध करवाने में विधायक रवि राणा की सक्रिय भूमिका रही थी। जीत के बाद उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री फडणवीस को फोन कर ‘भाई, निर्विरोध जीत हो गई,’ ऐसी जानकारी देने वाला वीडियो भी वायरल हुआ है। इससे पहले राज्य में सोलापुर जिले की अनगर नगरपंचायत में १७ नगरसेवक और बाद में नगराध्यक्ष निर्विरोध चुने गए थे। दोंडाई नगरपरिषद का निर्विरोध चुनाव भी चर्चा में रहा था। उधर जलगांव में भी गिरीश महाजन की पत्नी नगराध्यक्ष निर्विरोध चुनी गई हैं। अब इसी क्रम में चिखलदरा नगरपालिका का भी समावेश हो गया है। इस मामले में बोलते हुए कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर ने कहा कि भाजपा, रवि राणा और नवनीत राणा अब दबंगई कर रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस यहां दबाव डाल रहे हैं। वे मुख्यमंत्री पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।

ओरिजिनल कम, ‘किराए के लोग’ ज्यादा
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने कहा कि उम्मीदवारों को धमकाया गया, पैसे दिए गए। उनकी नजर वहां की जमीन पर है। भाजपा में ‘ओरिजिनल’ लोग कम और ‘किराए के लोग’ ज्यादा हैं। कलोती की हार होती तो उनकी बदनामी होती, इसलिए उन्होंने दबाव का इस्तेमाल किया।

भाजपा ने उतारे
डमी उम्मीदवार!

महाराष्ट्र में होनेवाले नपा व नगर परिषद के चुनाव में सभी पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इसमें भाजपा ने बड़ी संख्या में डमी उम्मीदवारों को खड़ा किया है। दूसरी तरफ टिकट नहीं मिलने से नाराज बागी उम्मीदवारों की संख्या भी काफी अधिक है। इस वजह से बड़े पैमाने पर वोटों के विभाजन का खतरा पैदा हो गया है। यह विभाजन टालने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के उम्मीदवारों को पीछे हटने के लिए धमकियां दी जा रही हैं, ऐसा आरोप जिला अध्यक्ष प्रवीण कुंटे पाटील ने किया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हम पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे।
कुंटे पाटील ने दावा किया कि कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सुनील केदार के सावनेर क्षेत्र, नागपुर जिले के पालकमंत्री तथा राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के विधानसभा क्षेत्र कामठी और राज्य के वित्त राज्यमंत्री आशीष जयसवाल के रामटेक विधानसभा क्षेत्र में आने वाली नगरपालिकाओं में हमारे उम्मीदवारों को सर्वाधिक धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि धमकी देने वालों के नाम सहित पुलिस में शिकायत की जाएगी।

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