-‘मुंढे मॉडल’ लाने की मांग एकनाथ के भ्रष्टाचारी कामकाज पर लगेगी लगाम
सामना संवाददाता / मुंबई
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में भाजपा और शिंदे गुट के बीच बढ़ती खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। भाजपा के कुछ नगरसेवकों ने ठाणे महानगरपालिका में सख्त छवि वाले अधिकारी तुकाराम मुंढे जैसे अफसर की नियुक्ति की मांग उठाकर सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। इस मांग को शिंदे गुट के स्थानीय कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था पर अप्रत्यक्ष सवाल के रूप में देखा जा रहा है। भाजपाइयों का मानना है कि मुंढे के ठाणे में तैनात होने से भ्रष्टाचार और मनमाने कामकाज पर लगाम लगेगी।
अन्न एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे इन दिनों मिलावटखोरों और गुटखा माफियाओं के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के कारण चर्चा में हैं। गुटखा सिंडिकेट पर मकोका लगाने के निर्देशों ने उनकी ‘कड़क अफसर’ वाली छवि को और मजबूत किया है। इसी पृष्ठभूमि में भाजपा नगरसेवकों का एक वर्ग ठाणे महानगरपालिका में भी मुंढे जैसे सख्त और निष्पक्ष अधिकारी की तैनाती की वकालत कर रहा है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि महानगरपालिका में वित्तीय प्रबंधन, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगरसेवक लगातार अनियमितताओं, बढ़ते आर्थिक दायित्व, नागरिक सुविधाओं में खामियों और कथित मनमाने कामकाज के मुद्दे उठा रहे हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि एक सख्त प्रशासक व्यवस्था को पटरी पर लाए।
जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक मांग नहीं, बल्कि शिंदे गुट पर राजनीतिक दबाव है। ठाणे में शिंदे गुट और भाजपा की संयुक्त सत्ता होने के बावजूद दोनों दलों के बीच मतभेद खत्म नहीं हुए हैं। अब भाजपा का एक वर्ग मानता है कि ठाणे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ‘मुंढे मॉडल’ की जरूरत है।
सियासी गलियारे में बढ़ी हलचल
ठाणे महानगरपालिका में भाजपा के कुछ नगरसेवकों ने सख्त छवि वाले अधिकारी तुकाराम मुंढे की नियुक्ति की मांग उठाई है। इसे शिंदे गुट की कार्यशैली पर अप्रत्यक्ष सवाल माना जा रहा है। भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए ‘मुंढे मॉडल’ की जरूरत बताई जा रही है।
