-एक ही दिन में ३ हत्याओं की कोशिश
-पुलिस बंदोबस्त के दावों की खुली पोल
फिरोज खान / मुंबई
पूरा देश १५ अगस्त को आजादी का जश्न मना रहा था। तिरंगे की शान में शहर डूबा था और मुंबई की सुरक्षा को लेकर पुलिस महकमे से लेकर राज्य सरकार तक ने भारी बंदोबस्त के दावे किए थे, लेकिन इसी बीच शहर में हुई तीन सनसनीखेज हिंसक वारदातों ने इन दावों पर सवालिया निशान लगा दिया। स्वतंत्रता दिवस के दिन कहीं चाकू चला, कहीं हथियार से हमला हुआ तो कहीं गला काटकर हत्या की कोशिश की गई। सवाल यह है कि जब शहर हाई अलर्ट पर था, तब अपराधियों के हौसले इतने बुलंद वैâसे रहे?
दो दोस्तों में विवाद, सीने में घोंपा चाकू
दूसरी घटना रात करीब १०:१५ से १०:३५ बजे के बीच कुर्ला पश्चिम के न्यू मिल रोड, तानाजी चौक स्थित अष्टविनायक को-ऑप हाउसिंग सोसायटी में हुई। बताया जाता है कि दो दोस्तों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। २४ वर्षीय युवक ने कथित तौर पर अपने ही दोस्त की छाती में चाकू घोंप दिया। अचानक हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया।
सड़क पर पटककर गले पर चाकू से वार
तीसरी वारदात रात करीब १०:३० से १०:४० बजे के बीच अंधेरी-पश्चिम, जोगेश्वरी-वेस्ट में ९० फीट रोड पर मेट्रो ब्रिज के नीचे, स्तंभ होटल के सामने हुई। यहां २६ वर्षीय युवक ने कथित तौर पर ४० वर्षीय व्यक्ति को जमीन पर पटक दिया और उसके गले पर चाकू से वार कर हत्या की कोशिश की। १५ अगस्त जैसे संवेदनशील दिन एक ही शहर में कुछ घंटों के भीतर हुई इन तीन वारदातों ने मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस गश्त और अपराधियों में कानून का डर-तीनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बुजुर्ग पिता पर बेटे का हमला
पहली वारदात १५ अगस्त की सुबह करीब ११ बजे कांजुरमार्ग के अभ्युदयनगर स्थित पवन को-ऑप हाउसिंग सोसायटी में हुई। यहां ७० वर्षीय बुजुर्ग पर उनके ही बेटे ने कथित तौर पर हथियार से हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग को जान से मारने की कोशिश की गई। घर के भीतर हुई इस वारदात ने रिश्तों को भी शर्मसार कर दिया।
