सोम मिश्रा “शिवम”
भारतीय फिल्म उद्योग के बेहद अनुभवी पेशेवर, आध्यात्मिक भक्त और मानवतावादी, चांद मिश्रा ने अपनी बहुप्रतीक्षित आत्मकथा “तूफानों में तोहफा” का कल देर शाम मुंबई के जुहू स्थित इस्कॉन मंदिर वेंकट हॉल में उपस्थित आध्यात्म जगत एवं बॉलीवुड से आए भारी तादाद में गणमान्य लोगों के हाथ विमोचन किया। यह पुस्तक उनके पांच दशकों से भी अधिक के लचीलेपन, आध्यात्मिकता और सफलता के उल्लेखनीय सफ़र का वर्णन करती है।
यह पुस्तक चांद मिश्रा के जीवन का एक अंतरंग विवरण प्रस्तुत करती है, जिसकी शुरुआत बचपन में उनके द्वारा ग्रहण किए गए मूल्यों, शिक्षा और आध्यात्मिक आधार से होती है। इन शुरुआती नींवों ने उन्हें कठिनाइयों से उबरने और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी मुंबई फिल्म उद्योग में अपनी जगह बनाने की शक्ति प्रदान की। साधारण शुरुआत से, उन्होंने कुछ सबसे बड़े सितारों के करियर का प्रबंधन किया और समर्पण और ईमानदारी के साथ उनके पेशेवर पथ का मार्गदर्शन किया। तकरीबन ५४ से अधिक वर्षों से, चांद मिश्रा बॉलीवुड का एक अभिन्न अंग रहे हैं और प्रमुख अभिनेताओं के लिए एक विश्वसनीय व्यवसाय प्रबंधक के रूप में कार्यरत रहे हैं। उन्होंने रवीना टंडन के बिज़नेस मैनेजर के रूप में २० साल और प्रियंका चोपड़ा के साथ १५ साल बिताए, जिससे उन्हें वैश्विक सफलता हासिल करने में मदद मिली। आज भी, प्रियंका चोपड़ा उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह मानती हैं। इन वर्षों में, उन्होंने कई अन्य फ़िल्मी सितारों के साथ भी काम किया है, जिससे पर्दे के पीछे एक मार्गदर्शक के रूप में उनकी प्रतिष्ठा और मज़बूत हुई है। इसके अलावा, उन्होंने फ़िल्मों में अभिनय और निर्माण करके अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। “तूफ़ानों में तोहफ़ा” न केवल उनके पेशेवर सफ़र पर प्रकाश डालती है, बल्कि बॉलीवुड की आंतरिक दुनिया के बारे में एक कम-ज्ञात सच्चाई को भी उजागर करती है: ग्लैमर और धारणाओं के पीछे, बड़े से बड़े सितारे भी अपने साथ काम करने वालों के साथ गहरे, हार्दिक बंधन बना लेते हैं। वे सुख-दुख बाँटते हैं और एक-दूसरे का साथ ऐसे तरीके से देते हैं जैसा आम जनता शायद ही कभी देखती हो।
सिनेमा से परे, चांद मिश्रा ने अपना जीवन अध्यात्म और सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की शिक्षाओं से प्रेरित होकर, उन्होंने भक्ति और निस्वार्थ सेवा का मार्ग अपनाया और मानवता की भलाई के लिए खुद को समर्पित कर दिया। सामाजिक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, विशेष रूप से कैंसर और हृदय रोगियों की सहायता में उनके योगदान के लिए, उन्हें एक कैंसर अस्पताल से प्रशस्ति पत्र मिला, जो उनकी करुणा और सेवा का प्रमाण है। उनकी यह पुस्तक एक गहन सत्य को रेखांकित करती है: चाहे कोई कितनी भी सांसारिक सफलता प्राप्त कर ले, सच्ची शांति और सुकून केवल आध्यात्मिकता और ईश्वर के साथ गहरे संबंध में ही मिल सकता है। चांद मिश्रा की यात्रा इसी सिद्धांत का उदाहरण है। वे बताते हैं कि कैसे, हर कदम पर संघर्षों का सामना करने के बावजूद, ईश्वर के प्रति उनकी अटूट आस्था और भक्ति ने उन्हें दिव्य शक्ति प्रदान की, फिल्म उद्योग में एक प्रतिष्ठित पहचान बनाने में मदद की, और उन्हें अनगिनत अन्य लोगों को प्रेरित करने का अवसर दिया। ब्रह्माकुमारी के प्रतिष्ठित गणमान्य, जिन्होंने चाँद जी की आध्यात्मिक सेवा की सदैव सराहना की है, ने पुस्तक विमोचन समारोह में अपनी उपस्थिति से आशीर्वाद दिया – बीके करुणा भाई – निदेशक, जनसंपर्क एवं मीडिया विंग; बीके मृत्युंजय – अतिरिक्त महासचिव एवं अध्यक्ष, शिक्षा विंग; डॉ. बीके सतीश गुप्ता – वरिष्ठ राजयोग शिक्षक एवं स्वास्थ्य शिक्षक; बीके कैलाश दीदी – गांधीनगर ज़ोन प्रभारी; बीके दिव्य प्रभा बहन जी – उत्तर मुंबई (बोरीवली) उप-ज़ोन प्रभारी। उनकी दिव्य उपस्थिति ने इस विशेष अवसर को गरिमा, प्रेरणा और आशीर्वाद प्रदान किया। विमोचन समारोह में पूनम ढिल्लों, तेज सप्रू, मुकेश ऋषि, हरमीत सिंह, अब्बू मलिक, नवनीत निशान, मोहम्मद मोरानी, दिलीप सेन, अनिल नागरथ, बीएन तिवारी, राजीव गौड़ भी उपस्थित रहे, वहीं विदेशी धरती से अदाकारा रवीना टंडन ने अपने संदेश में कहा “चाँद जी मेरे लिए एक भाग्यशाली सहारा रहे हैं; शुरुआत से ही, हम एक भाग्यशाली जोड़ी रहे हैं। जैसे एक पिता अपने बच्चे का ख्याल रखता है, वैसे ही उन्होंने पिछले बीस सालों से मेरा भी ख्याल रखा है। मैं उन्हें सचिव कहकर उनकी भूमिका को कभी कम नहीं करूँगी; वे हमेशा हमारे साथ एक परिवार के सदस्य की तरह रहे हैं। मैं तो यही कहूँगी कि उनका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहा है।” वहीं पूर्व विश्व सुंदरी प्रियंका चोपड़ा ने सात समुंदर पार से भेजे बधाई संदेश में कहा “चाँद जी की सबसे अच्छी बात यह है कि जब से वे मेरे करियर में आए हैं, वे अपने साथ स्थिरता का भाव लेकर आए हैं। वे बेहद पारिवारिक हैं और सभी को शांत रखते हैं। वे पूरी टीम की ताकत हैं। एक निजी सचिव की भूमिका में, वे परिवार की तरह बन जाते हैं, हर ज़िम्मेदारी उठाते हैं, सबका ख्याल रखते हैं, और एक तरह से, हमारे साथ एक सेलिब्रिटी की ज़िंदगी भी जीते हैं।” आपको बता दें ये सभी शुभेच्छा चांद मिश्रा को कल उनके पुस्तक विमोचन, बॉलीवुड में पचास साल पूरे करने के साथ साथ उन्होंने अपने जीवन के ७५ साल भी पूरे किए हैं।उनकी इस शानदार पारी के उत्सव महोत्सव में शामिल होने के लिए अध्यात्म जगत से माउंट आबू से आए भाई बहिनों के साथ साथ बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने भी भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया।
