-महाराष्ट्र सहित देशभर में जमकर हुआ विरोध, पीएम मोदी को भेजे गए सिंदूर
सामना संवाददाता / मुंबई
पहलगाम के हमलावर आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान के साथ हिंदुस्थान द्वारा खेले गए क्रिकेट मैच के खिलाफ पूरे राज्य में कल तीव्र आक्रोश नजर आया। इस मैच का विरोध करने के लिए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने आंदोलन के लिए अपील की थी। इसके बाद महाराष्ट्र सहित पूरे देश में इस आंदोलन का असर देखने को मिला। रविवार को देशभर में जगह-जगह महिलाओं ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। पहलगाम में माताओं-बहनों के सिंदूर उजाड़े जाने की घटना की याद दिलाते हुए महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सिंदूर भेजा। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना मतलब अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद और निर्दोष लोगों की मौत को न्यौता देना है। थोड़ी तो शर्म करो मोदी जी। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले को अभी छह महीने भी नहीं हुए हैं और हमारी मोदी सरकार की संवेदनशीलता मर चुकी है।
कुछ तो शर्म करो!..शहीद की बेटी का सरकार पर प्रहार
पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए पुणे के संतोष जगदाले की बेटी आसावरी जगदाले ने सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा पाकिस्तान से क्रिकेट खेलना मतलब अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद और निर्दोष लोगों की मौत को न्यौता देना है। थोड़ी तो शर्म करो। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले को अभी छह महीने भी नहीं हुए हैं। हम जो कुछ झेल रहे हैं, उसकी कल्पना कोई और नहीं कर सकता। कम से कम संवेदनशीलता तो होनी चाहिए। लेकिन सरकार और बीसीसीआई में वैसी कोई भावना दिखती नहीं। हिंदुस्थान के नागरिक मर रहे हैं, मगर इसकी इन्हें परवाह ही नहीं। सिर्फ पैसा कितना मिलेगा, इसी पर क्या आपकी देशभक्ति तय होगी? ऐसा तीखा सवाल आसावरी ने उठाया।
-हिंदुस्थान-पाकिस्तान मैच पर महाराष्ट्र का खौला खून!
-सड़कों पर उतरीं महिलाएं मोदी सरकार का किया विरोध
पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के आंसू अभी थमे भी नहीं हैं कि केंद्र सरकार बीसीसीआई की आड़ में पाकिस्तान के साथ अपने रिश्ते सुधारने में जुट गई है। इसी के तहत भारत पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच शुरू किया। मोदी सरकार की इस घिनौनी नीति को लेकर महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के विरोध में मेरा सिंदूर, मेरा देश आंदोलन छेड़ा गया। आंदोलन को जबरदस्त समर्थन मिला और बड़ी संख्या में महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर गुस्सा जताया। प्रदर्शन के दौरान लोग सवाल कर रहे थे कि मोदी सरकार की संवेदनाएं क्या खत्म हो चुकी हैं।
बता दें कि इस मैच और सरकार के पैâसले का तीव्र विरोध करने के लिए शिवसेना ने रविवार को राज्यव्यापी आंदोलन किया। आंदोलन में प्रधानमंत्री मोदी को भेजने के लिए बड़ी मात्रा में सिंदूर इकट्ठा किया गया। इस आंदोलन में विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे भी शामिल हुए।
सोशल मीडिया पर भी मैच का विरोध हुआ। कई लोगों ने पहलगाम हमले की तस्वीरें साझा करते हुए सवाल उठाया कि क्या मोदी सरकार को शहीदों की याद नहीं रही। कुछ लोगों ने गुस्से में टीवी सेट तोड़ने तक की तस्वीरें साझा कीं।
मोदी सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम को मैच खेलने की अनुमति दी, जिससे जनमानस में आक्रोश व्याप्त हो गया है। लोगों ने कहा कि पितृपक्ष शुरू है, जब पहलगाम में धर्म पूछकर हत्या की गई और उनके परिवारजन श्राद्ध कर रहे हैं, तब बीसीसीआई के नाम पर हिंदुस्थान और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच करवाना शहीदों और उनके परिवारों का अपमान है। पहलगाम हमले में शहीद हुए २६ निर्दोषों के परिवारों का आक्रोश अभी शांत नहीं हुआ है। जिन माताओं-बहनों का सिंदूर उजाड़ा गया, उनके आंसू थमे नहीं हैं। बावजूद इसके सरकार पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेल रही है। इस पर न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में नाराजगी जताई जा रही है, ऐसी प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर भी व्यक्त की जा रही हैं।
बहनों का सिंदूर उजाड़ा गया है, बर्दास्त नहीं करेंगे
शिवसेना ने मेरा सिंदूर, मेरा देश आंदोलन देशभर में किया। शिवसेना महिला कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सिंदूर भेजकर सरकार के पैâसले के प्रति विरोध दर्ज कराया।
मुंबई, ठाणे, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर सहित कई जगहों पर महिलाएं बड़ी संख्या में जमा हुर्इं और पाकिस्तान व केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
पुणे के लाल महल चौक में शिवसेना महिला प्रकोष्ठ ने जोरदार आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब आतंकी हमले में कई माताओं-बहनों का सिंदूर उजाड़ा गया, तब भी सरकार पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने का पैâसला ले रही है, यह निंदनीय है।
छत्रपति संभाजीनगर में भी महिला प्रकोष्ठ ने आंदोलन किया और प्रधानमंत्री मोदी को सिंदूर भेजने का एलान किया।
पाकिस्तान से क्रिकेट क्यों खेला?..शिवसैनिकों ने तोड़ा टीवी
पाकिस्तान के साथ हिंदुस्थान द्वारा खेले गए क्रिकेट मैच के खिलाफ पूरे राज्य में कल तीव्र आक्रोश नजर आया। शिवसेना विभाग क्रमांक १२ की ओर से आयोजित आंदोलन में कार्यकर्ताओं ने टीवी तोड़कर इस क्रिकेट मैच के खिलाफ गुस्सा व्यक्त किया। इस आंदोलन में शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने सवाल उठाया कि ‘अब गरम सिंदूर ठंडा हो गया क्या?’ उन्होंने जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘पहलगाम हमले के बाद आप (मोदी) वहां नहीं गए, बल्कि बिहार चले गए। देश के प्रतिनिधि गए, मगर किसी ने पाकिस्तान का नाम तक नहीं लिया। इस आंदोलन में उपनेता रविंद्र मिर्लेकर, उपनेता अरुण दुधवडकर, उपनेता अशोक धात्रक, विभाग प्रमुख संतोष शिंदे, विभाग संघटक युगंधरा सालेकर समेत कई पदाधिकारी और शिवसैनिक शामिल हुए।
आंदोलन के दौरान शिवसेना की रणरागिणियों ने घर-घर जाकर सिंदूर इकट्ठा किया, जिसे मोदी को बेजा जाएगा। बोरिवली रेलवे स्टेशन के बाहर हुए आंदोलन में शिवसेना महिला प्रकोष्ठ की बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहीं। उपनेता विनोद घोसालकर, पूर्व विधायक विलास पोतनीस, विभाग प्रमुख उदेश पाटेकर समेत कई पदाधिकारी और शिवसैनिक इस आंदोलन में शामिल हुए।
पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर ने भेजा सिंदूर
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के विभाग क्रमांक ११ की ओर से बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने जमा होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर की अगुवाई में महिलाओं ने पीएम मोदी पर भी जमकर टिप्पणी की। महिला कार्यकर्ताओं ने शिवसेना भवन में सांसद अनिल देसाई से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजने के लिए उन्हें सिंदूर सौंपा। इस दौरान सचिव साईनाथ दुर्गे, राकेश देशमुख और अन्य पदाधिकारी व शिवसैनिक मौजूद रहे।
पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना…आतंकवाद को फंडिंग करने जैसा!
-शहीद की बेटी के निशाने पर मोदी सरकार
पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेले जाने पर पहलगाम में शहीद हुए संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना आतंकवाद को फंडिंग करने और उन्हें हमें मारने के लिए आमंत्रित करने जैसा है। यह सिर्फ व्यापार समझौते तोड़ना, पानी की आपूर्ति बंद करना और संबंध तोड़ना नहीं है। अगर सरकार को सचमुच शहीदों और उनके परिवारों से सहानुभूति है, तो उन्हें पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का रिश्ता नहीं रखना चाहिए, वरना पहलगाम के बाद सरकार द्वारा व्यक्त की गई सभी भावनाएं झूठी साबित होंगी।
क्रिकेटरों, सोचो!
असावरी ने उन क्रिकेटरों को भी आईना दिखाया, जो पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी देश के क्रिकेटरों को हीरो मानती है। अब समय आ गया है कि वे तय करें कि वे हमारे हीरो बने रहना चाहते हैं या नहीं। उन्हें पता होना चाहिए कि वे उन लोगों के साथ खेल रहे हैं, जिनके हाथ हमारे अपनों के खून से रंगे हैं। कम से कम देश और अपने सम्मान की खातिर, उन्हें खेलने से इनकार कर देना चाहिए।
