मुख्यपृष्ठनए समाचारअडानी कोल माइंस पर बवाल! ... १० गांवों के लोगों का गुस्सा फूटा

अडानी कोल माइंस पर बवाल! … १० गांवों के लोगों का गुस्सा फूटा

– ७५० लोगों ने दर्ज कराई आपत्ति
सुनील ओसवाल / मुंबई
विदर्भ के नागपुर जिले में अडानी इंडस्ट्रीज की अंबुजा सीमेंट कंपनी को मिली वलनी-दहेगांव-गोवारी भूमिगत कोल माइंस को लेकर लोगों ने जबरदस्त विरोध करना शुरू कर दिया है।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल की सुनवाई में १० गांवों के हजारों लोग पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की। वलनी ग्राम पंचायत सरपंच ने ग्रामीणों की ओर से ७५० लोगों की आपत्तियों वाला पत्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल को सौंपा। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह आपत्ति सिर्फ एक गांव से आई है, जबकि इस प्रोजेक्ट से कुल १० गांव सीधे प्रभावित होंगे। लोगों का कहना है कि रजिस्टर पर नहीं, सिर्फ कागजों पर हस्ताक्षर कराए जा रहे थे, ताकि बाद में दिखाया जा सके कि ग्रामीणों ने विरोध नहीं किया। इसीलिए ग्रामीणों ने दस्तखत करने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हमारी जमीन, हमारा पानी कौन बचाएगा?

  • ग्रामीणों का आरोप
    -खदान शुरू होते ही जमीन बंजर होगी और रोजी-रोटी छिन जाएगी।
    – खेती की उपजाऊ जमीन बर्बाद होगी।
    – जलस्रोत दूषित और सूख जाएंगे।
    – पशुधन व इंसानों की सेहत पर बुरा असर पड़ेगा।
    – धूल और शोर प्रदूषण से जीना दूभर होगा।
    – इस इलाके में कपास, सोयाबीन और तुअर जैसी फसलें बड़े पैमाने पर होती हैं।
    अडानी समूह की दलील
    – खदान भूमिगत है, जमीन अधिग्रहित नहीं होगी।
    – पर्यावरण और जलस्रोत को कोई नुक़सान नहीं होगा।
    – पिछले दो साल से आसपास के किसानों को रियायती दर पर पौधे दिए जा रहे हैं।

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