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राममंदिर में चढ़ावा घोटाले पर कांग्रेसी ‘गरम’!..निष्पक्ष जांच के प्रदर्शन और ज्ञापन

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर अवध के सुल्तानपुर जिले के कांग्रेसी गरमाए हुए हैं। बुधवार को स्थानीय कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की ,इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।
जिला कांग्रेस कमेटी लालडिग्गी से पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “चंदा चोर मंदिर छोड़”, “चंदा चोरों को गिरफ्तार करो”, “राम भक्तों की आस्था का अपमान बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में आकर ज्ञापन लिया। जिसे राज्यपाल को प्रेषित करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन में कहा गया कि भगवान श्रीराम का मंदिर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में नकद धनराशि, सोना, चांदी एवं अन्य बहुमूल्य वस्तुएं चढ़ावे के रूप में प्राप्त होती हैं। ऐसे में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं, गबन और चोरी के आरोप सामने आना अत्यंत गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि राम मंदिर के चढ़ावे में हुए कथित घोटाले एवं गबन की स्वतंत्र जांच कराई जाए, मंदिर ट्रस्ट एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच हो, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा वर्षों से भगवान राम के नाम पर राजनीति करती रही है, लेकिन जब भगवान राम के मंदिर में चढ़ाए गए चढ़ावे के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं तो सरकार चुप्पी साध लेती है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में पारदर्शिता के बजाय पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है। यदि सरकार और ट्रस्ट के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो पूरे मामले की न्यायिक जांच कराकर सच्चाई देश के सामने रखी जानी चाहिए। भगवान राम के नाम पर भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि मंदिर में चढ़ाए गए धन का हिसाब-किताब क्या है और इस कथित घोटाले के लिए जिम्मेदार लोगों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। कांग्रेस शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि भगवान राम किसी एक दल या विचारधारा की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना के प्रतीक हैं। यदि मंदिर के चढ़ावे में भ्रष्टाचार हुआ है तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ विश्वासघात है। सरकार को दोषियों को बचाने के बजाय निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई जनता के सामने लानी चाहिए और दोषियों को कठोर दंड दिलाना चाहिए। कांग्रेसियों ने चेतावनी दी कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान चलाकर व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता हौशला प्रसाद भीम, सलाहुद्दीन हाशमी, रणजीत सिंह सलूजा, कु.निकलेश सरोज, सुब्रत सिंह सनी, अतहर नवाब, मनोज कुमार तिवारी, मो. कमर खान, ममनून आलम, आवेश अहमद, अरशद पवार, नंदलाल मोर्य, मो इमरान (मीडिया प्रभारी) विजयपाल, हामिद राईनी, मोहसिन सलीम, विवेक सिंह रफ्तार, अरुण त्रिपाठी, उस्मान खान, मो. अतीक, दिनेश तिवारी, सुरेश चंद्र मिश्र, राहुल त्रिपाठी, अखंड मिश्र, नफीस पठान, उपेंद्र पाण्डेय, मो. उस्मान, देवेंद्र श्रीवास्तव, संतोष तिवारी आदि लोग शामिल रहे।

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