राजेश सरकार / प्रयागराज
देश के सर्वाधिक चर्चित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे से पहले, प्रयागराज में कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वाराणसी जाकर विरोध प्रदर्शन करने से रोकने के लिए की है।
हाउस अरेस्ट किए गए नेता इरशाद उल्ला ने इसे लोकतंत्र का हनन बताते हुए सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुरुवार को वाराणसी आगमन पर प्रयागराज जोन के सभी 12 जिलों के कांग्रेसियों द्वारा विरोध को लेकर सतर्क प्रयागराज पुलिस ने सख़्ती दिखाते हुए बुधवार आधी रात्रि से ही कांग्रेस नेताओं पर शिकंजा कसा। स्थानीय इंटेलिजेंस विभाग के आधार पर बड़ी कार्रवाई कर शहर के दर्जनों नेताओं को उनके घरों में नजर बंद कर दिया गया। कुछ नेताओं के घरों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। कुछ को संबंधित थाने ले जाकर पूछताछ के बाद आश्वासन पर छोड़ा गया कि वह घर से बाहर नहीं निकलेंगे।
जिन प्रमुख नेताओं को नजर बंद किया गया उनमें शहर कांग्रेस अध्यक्ष फुजैल हाशमी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय, कोऑर्डिनेटर हरकेश त्रिपाठी, पूर्व शहर अध्यक्ष नफीस अनवर, मानस शुक्ला , परवेज़ सिद्दीकी, अरशद अली सहित कई नेता शामिल हैं। शहर अध्यक्ष हाशमी के यहां तो पूरामुफ्ती और धूमनगंज की फोर्स तैनात कर दी गई। पुलिसिया कार्रवाई पर गुस्साए हाशमी ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में तानाशाह सरकार आवाज दबा रही है। पूर्व प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय का कहना है कि राहुल गांधी के बुधवार को रायबरेली दौरे पर भाजपा के लोगों द्वारा विरोध किया जाना बौखलाहट के अलावा कुछ भी नहीं है। वोट चोरी से बने प्रधानमंत्री और उनकी सरकार के साथ चुनाव आयोग और भाजपा के गठजोड़ का सबूतों के आधार पर राहुल गांधी द्वारा धांधली उजागर करने से मिलने वाली देशव्यापी वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान की घबराहट है। बिहार में पीएम मोदी की मां के अपमान से आहत भाजपाइयों से पूछा कि राहुल गांधी , कोई कांग्रेसी या राजद के किसी भी नेता ने जब अपमान नहीं किया तो राहुल गांधी से इस्तीफा मांगना अथवा विरोध किया जाना साफ है कि वोट चोरी अभियान की पोल को दबाना ।
