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कूपर पर चल रही साढ़ेसाती… फिर मुसीबत में फंसा अस्पताल… हड़ताल पर गए सफाईकर्मी!

-दो महीने का वेतन है बाकी…अस्पताल की सफाई और देखभाल प्रभावित

सामना संवाददाता / मुंबई

कूपर अस्पताल पर पिछले कुछ महीनों से साढ़े साती चल रही है। इसी क्रम में एक बार फिर से यह अस्पताल विवादों में फंस गया है। अस्पताल में ठेके पर काम करनेवाले सफाई कर्मचारी दो महीने का वेतन रोके जाने से न केवल नाराज हो गए, बल्कि कल हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने से परिवार का भरण-पोषण करने में मुश्किल हो रही है। आलम यह है कि इस समय उन्हें भुखमरी तक के संकट से जूझना पड़ रहा है। दूसरी तरफ सफाई ठेकाकर्मियों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल की सफाई व्यवस्था और मरीजों की देखभाल सीधे तौर पर प्रभावित हुई है।
उल्लेखनीय है कि मुंबई मनपा द्वारा संचालित ६३६ बेड वाले कूपर अस्पताल की ओपीडी में पश्चिम उपनगर में रहनेवाले रोजाना करीब २,००० मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं, जबकि १०० से १५० मरीज भर्ती किए जाते हैं। इसी तरह रोजाना औसतन ५० से ७० के बीच सर्जरियां भी होती हैं। हालांकि, बीते कुछ महीनों से आईसीयू में फर्जी डॉक्टरों और मरीजों को चूहों द्वारा कुतरे जाने जैसे मसलों के कारण सुर्खियों में बना अस्पताल कल करीब १५० सफाईकर्मियों के हड़ताल पर जाने से एक बार फिर विवादों में फंस गया है। बता दें कि सभी ठेका सफाईकर्मी मनपा द्वारा चयनित केएचएफएम कंपनी की ओर से नियुक्त किए गए हैं। इस कंपनी ने कर्मियों का दो महीनों का वेतन रोक रखा है। हालांकि, जब कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
आपात सेवाएं हुईं प्रभावित
हड़ताल के चलते अस्पताल में सफाई और मरीजों की देखभाल प्रभावित हुई। बताया गया कि सफाई के अभाव में कई सर्जरियां भी रद्द करनी पड़ीं। इसके अलावा गंभीर मरीजों के डाइपर बदलने जैसे कार्य प्रभावित हुए। खासकर उन मरीजों के जिनके रिश्तेदार मौजूद नहीं होते। कर्मचारियों का कहना है कि मनपा स्टाफ और नर्स थोड़ी मदद करते दिखे, लेकिन पूरी जिम्मेदारी हम ही निभाते हैं।
मनपा ने ठेका कंपनी को किया भुगतान
मनपा अस्पतालों की निदेशक डॉ. नीलम आंद्राडे ने कहा कि मनपा संबंधित कंपनी को जुलाई और अगस्त महीने का वेतन दे चुकी है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इतना ही नहीं, उसे कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी का ठेका दिसंबर में खत्म हो रहा है। इस बीच उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

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