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संगम नगरी में मिलावटखोरों पर शिकंजा…4 प्रतिष्ठान बंद… 53 किलो सामग्री नष्ट

 राजेश सरकार / प्रयागराज

संगम नगरी में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम के निर्देश पर हुई कार्रवाई में 11 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए। वहीं, गंदगी, खराब हाइजीन और खाद्य पंजीकरण समेत अन्य कमियां मिलने पर कई प्रतिष्ठानों को नोटिस थमाए गए।
अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई में चार खाद्य प्रतिष्ठानों को आवश्यक सुधार अथवा खाद्य पंजीकरण होने तक बंद करा दिया गया। इनमें रतन डेयरी, न्यू छप्पन भोग, सोनू एवं नोनू फ्रूट कंपनी तथा राजेश कुमार सोनकर का प्रतिष्ठान शामिल है।
48 किलो दही और 5 किलो बर्फी नष्ट
रतन डेयरी, कमला नगर में दही और पनीर के नमूने लिए गए। दही में मिलावट की आशंका और उसकी भौतिक स्थिति खराब मिलने पर 48 किलोग्राम दही मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। प्रतिष्ठान को आवश्यक सुधार होने तक बंद कराया गया। वहीं जय मां दुर्गा स्वीट, अलोपीबाग में कलाकंद का नमूना लेने के साथ परिसर की कमियों पर नोटिस जारी किया गया। खराब भौतिक स्थिति मिलने पर 5 किलोग्राम बर्फी भी मौके पर नष्ट कराई गई।
छप्पन भोग से बर्फी-बेसन के नमूने
फेमस न्यू छप्पन भोग में बर्फी और बेसन के नमूने संग्रहित किए गए। परिसर में गंदगी समेत अन्य कमियां मिलने पर नोटिस चस्पा किया गया और आवश्यक सुधार होने तक किचन बंद कराया गया। मम्फोर्डगंज स्थित ओकेजन बेकरी से टूटी-फ्रूटी ड्राई केक और पेस्ट्री के नमूने लिए गए।
सिविल लाइंस स्थित होटल ग्रैण्ड कांटिनेंटल और बालसन चौराहा स्थित पैराडाइज्ड फास्ट फूड एंड रेस्टोरेंट के किचन एवं भंडारगृहों की भी जांच हुई। साफ-सफाई और हाइजीन में कमियां मिलने पर दोनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए गए।
नियमों की अनदेखी पर नोटिस
धूमनगंज के डिलाइट मफिंस से अजवाइन कुकीज और इलायची रस्क के नमूने लिए गए। यहां पानी की जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। कर्मचारियों के हेड कवर, एप्रन और ग्लव्स नहीं पहनने पर भी कार्रवाई की गई। शिवकुटी के राजा बाबू फ्रूट कंपनी में राइपनिंग चैंबर की जांच के दौरान रसायन से पकाए जाने के संदेह में पपीते और पकाने में इस्तेमाल रसायन के नमूने लिए गए।
वहीं सोनू एवं नोनू फ्रूट कम्पनी में करीब 10 कुंतल केले रसायनों के माध्यम से पकाए जाते मिले। केले का विधिक नमूना लेने के साथ बिना खाद्य पंजीकरण कारोबार संचालित किए जाने पर प्रतिष्ठान बंद करा दिया गया। सीढ़ौली, जलालपुर, उतरांव स्थित राजेश कुमार सोनकर के प्रतिष्ठान में भी रसायन से पकाए जाने के संदेह में केले का नमूना लिया गया। खाद्य पंजीकरण न होने पर प्रतिष्ठान बंद कराया गया।
होटल फोर व्यू, सिविल लाइंस के निरीक्षण में किचन क्रियाशील नहीं मिला। विभागीय टीम की कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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