राजेश सरकार / प्रयागराज
संगम नगरी में अपराध की बढती घटनाओं के बीच अब पूर्व राज्यमंत्री के समधी के घर हुई बड़ी वारदात ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गंगानगर जोन के झूंसी इलाके में हुई यह घटना शासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के दावों और पुलिसिंग की हकीकत बयां कर रही है। झूंसी के हवेलिया क्षेत्र में रहने वाले कमला शंकर सरोज, पूर्व राज्य मंत्री बाबूलाल भंवरा के समधी हैं। उनके सूने मकान को मंगलवार आधी रात के बाद बदमाशों ने निशाना बना डाला। जानकारी के अनुसार कमला शंकर का परिवार शोक के कारण अपने पैतृक गांव गया हुआ था और मकान में ताला बंद था। इसी का फायदा उठाकर बदमाश देर रात घर में घुस गए। बदमाशों ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कमरों में रखी अलमारियों व लॉकर को खंगाल डाला। करीब 18 लाख रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। जिसमें 2.26 लाख रुपये कैश भी शामिल हैं। घटना के दौरान पड़ोसियों को संदिग्ध आहट सुनाई दी। जब लोगों ने घेराबंदी की कोशिश की, तो एक बदमाश ने असलहा निकालकर सीधे लोगों पर तान दिया। हथियार देखकर लोग सहम गए और पीछे हट गए, जिससे बदमाश आसानी से फरार हो गए। भागने से पहले उन्होंने पड़ोस के एक घर को बाहर से बंद कर दिया, ताकि कोई उनका पीछा न कर सके। वारदात के बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि रातभर पुलिस सिर्फ औपचारिकता निभाती रही। न डॉग स्क्वॉड बुलाया गया और न ही फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। सुबह तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। घटना को लेकर पूर्व राज्यमंत्री ने प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर से वार्ता कर चोरी का शीघ्र खुलासा करने को दबाव बनाया है।
