मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिअंधेरी के राजा का राममंदिर में दर्शन

अंधेरी के राजा का राममंदिर में दर्शन

सामना संवाददाता / रवींद्र मिश्रा

देश भर में मनाए जा रहे गणेशोत्सव में जहां विविध मंडलों द्वारा तैयार किए गए मंडपों में बाप्पा को बिराजमान होते दिखाया गया है। वहीं इस वर्ष अंधेरी के राजा को अयोध्या मंदिर के प्रतिरूप बनाए गए मंडप में बाप्पा को बिराजमान हुए दिखाया गया है। अंधेरी-पश्चिम स्थित वीरा देसाई रोड पर आजाद नगर सार्वजनिक उत्सव समिति द्वारा मनाए जा रहे ६१ वें गणेशोत्सव में इस वर्ष अयोध्या मंदिर मंडप का प्रतिरूप बना कर बाप्पा को बिराजित होते दिखाया गया है। आजाद नगर सार्वजनिक उत्सव समिति मार्गदर्शक मंडल के प्रमुख यशोधर (शैलेष) फणसे बताते हैं कि यहां बाप्पा को श्रद्धालू (नवसा चा पावणारा) यानि मनोकामना पूर्ण करनेवाले गणपति के रूप में मानते हैं इसलिए यहां भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। यहां की ख़ास बात यह है कि यहां बाप्पा की मूर्ति दान करने के लिए श्रद्धालु हमेशा लालायित रहते हैं।यही कारण है कि मंदिर में बप्पा को बिराजित करने के लिए अगले १०० वर्षों तक की बुकिंग हो चुकी है। प्रत्येक वर्ष लाटरी निकाल कर श्रद्धालुओं को सूचित किया जाता है कि इस वर्ष आप द्वारा प्रदान की गई मूर्ति की पूजा होगी। अंधेरी के राजा का अयोध्या मंडप बनाने वाले फिल्म जगत के प्रसिद्ध आर्ट डायरेक्टर धर्मेश शाह बताते हैं कि १४ हजार वर्ग फिट लकड़ी के प्लेटफार्म पर १५ फिट ऊंचे ४६ अलंकृत स्तंभों पर अयोध्या मंदिर मंडप का निर्माण किया गया है। जिसमें ४ टन से अधिक स्टील फैब्रिकेटेड इस्तेमाल किया गया है। समिति के अध्यक्ष अशोक राणे बताते हैं कि मंडल हर वर्ष सभी सरकारी नियमों का पालन करता है इस लिए अंधेरी के राजा उत्सव मंडल को टाप १० की श्रेणी में रखा गया है। यहां ड्रेस कोड से लेकर प्रसाद वितरण में भी सभी नियमों का पालन किया जाता है। मंडल के कोषाध्यक्ष सुबोध चिटनिस बताते हैं कि इस उत्सव में बाप्पा के सिर पर साढ़े तीन किलो सोने के मुकुट से उनका श्रृंगार किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए २३ करोड़ ५२ लाख का बीमा कवरेज किया गया है। मंडप में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगो तथा गर्भवती महिलाओं के लिए दर्शन के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। इस मंडप में फिल्म जगत से जुड़े अधिकांश लोगों को गणेशोत्सव दौरान दर्शन करते हमेशा देखा जाता है।

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