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कर्ज में दबी सरकार के अधिकारियों की मौज ही मौज, विदेशी सैर पर १६ अफसर!

-सीखेंगे कचरा प्रबंधन
– २० दिनों से ज्यादा चलेगा सैर-सपाटा  नीदरलैंड, सिंगापुर और कोरिया का करेंगे टूर

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
कर्ज के बोझ तले दबी महायुति सरकार जहां एक ओर किसानों की बदहाल स्थिति, बेरोजगारी और महंगाई जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही जनता को राहत देने में नाकाम साबित हो रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी अफसरों की मौज-मस्ती के लिए तिजोरी खोलने में पीछे नहीं हट रही है। ताजा मामला १६ अधिकारियों की विदेश सैर का है, जिसमें कचरा प्रबंधन और अन्य मुद्दों के नाम पर नीदरलैंड, सिंगापुर और कोरिया में २० दिनों से ज्यादा का सैर-सपाटा तय किया गया है। यह भव्य यात्रा आम जनता पर बढ़ते कर्ज और आर्थिक संकट के बीच अफसरों के लिए मौज-मस्ती का पैकेज बनकर सामने आई है।
उल्लेखनीय है कि खेती-बागानी के बाद अब १३ और अफसर विदेश में जल और कचरा प्रबंधन के साथ ही सफाई की ‘क्लास’ अटेंड करेंगे। इनका टिकट से लेकर होटल और शाही दावतों तक का पूरा खर्च महायुति सरकार के जरिए सीधे जनता की जेब से उठाया जाएगा। दो अफसर अभी-अभी विदेश दौरे से लौटे ही हैं, जबकि दो अभी भी विदेश दौरे पर हैं। इसी में १६ और नए अफसर का बैग पैक हो रहा है, जिनका १३ सितंबर से विदेश दौरा शुरू होने वाला है।
ये अधिकारी करेंगे विदेश दौरा
राज्य सरकार द्वारा कल जारी शासनादेश में बताया गया है कि राज्य जल व स्वच्छता मिशन के अभियान निदेशक ई. रविंद्रन, पीसीएमयू स्मार्ट परियोजना के अधिकारी जीवन बंदे, डॉ. अभय गायकवाड, उज्वला बाणखेले, सचिन शिंदे, धम्मशीला मडीकर, तृप्ति वाघमोडे, सुनील वानखेडे, प्रियंका भोसले, अनिल सालुंखे, प्रशांत नाईक, भास्कर केलेकर, प्रज्ञा गौलचाटे, स्वच्छ महाराष्ट्र अभियान मूलभूत के उपायुक्त महेश चौधरी और निदेशक नवनाथ वाठ १३ सितंबर से ५ अक्टूबर तक विदेश दौरे पर रहेंगे, जिस पर लाखों का खर्च होगा। इसमें महेश चौधरी इसी महीने विदेश दौरे से लौटने के बाद फिर से कोरिया दौरे पर निकल जाएंगे।
जनता महंगाई और कर्ज से कराह रही है, किसान आत्महत्या के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं और गांवों में पीने के पानी तक की भारी किल्लत है। ऐसे वक्त में महायुति सरकार अफसरों को विदेश दौरे की सौगात दे रही है। नतीजा यह कि आम आदमी की जेब ढीली हो रही है और अफसरों की मौज बढ़ती जा रही है।

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