सामना संवाददाता / मुंबई
मतदाता सूची में हो रही गड़बड़ियों को लेकर अब सिर्फ हम जैसे विपक्षी दल ही नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दलों के नेता भी इस मुद्दे पर बोल रहे हैं। भाजपा, शिंदे गुट और अजीत पवार गुट की ओर से भी मतदाता सूची की गड़बड़ियों के सबूत सामने आ रहे हैं। इसलिए अब सभी की जिम्मेदारी है कि घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करें और सूची में दर्ज नामों से घर में रहनेवाले व्यक्ति के चेहरे का मिलान करें। मतदान के दिन अगर कोई डुप्लिकेट वोटर पकड़ा जाता है तो उसे सीधे पकड़ो, फोड़ो और फिर पुलिस के हवाले करो। ऐसे तीखे शब्दों के साथ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने वोट चोरों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की।
महाराष्ट्र में मतदाता सूची की गड़बड़ियों का पर्दाफाश करते हुए राज ठाकरे ने डुप्लिकेट मतदाताओं के ढेरों नाम के सूची वाले बंडल सामने रखे। उन्होंने कहा कि मुंबई, कल्याण और महाराष्ट्र के कई निर्वाचन क्षेत्रों में हजारों की संख्या में डुप्लिकेट मतदाता हैं। आप सबूत मांगते हैं न? तो ये लो इतने गट्ठर हैं कि एक टेंपो भर जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि कार्यकर्ताओं को अभी से मतदाता सूचियों पर काम शुरू करना चाहिए। इस दौरान राज ठाकरे ने ४,५०० मतदाताओं की सूची दिखाई, जो कल्याण ग्रामीण, डोंबिवली, मुरबाड़ और भिवंडी के रहनेवाले हैं। राज ठाकरे का दावा था कि इन मतदाताओं ने अपने मूल क्षेत्र में तो मतदान किया ही, साथ ही उन्होंने मलबार हिल निर्वाचन क्षेत्र में भी वोट डाला। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसी चुनाव प्रक्रिया चलेगी तो लोकतंत्र वैâसे बचेगा? उन्होंने कहा कि यह मोर्चा जनता के गुस्से और ताकत का प्रतीक है। राज ठाकरे ने सवाल किया कि पिछले पांच सालों से चुनाव नहीं हुए और हर दिन मतदाता सूची में नई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं तो फिर इतनी जल्दी चुनाव कराने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि पहले मतदाता सूची में पूरी तरह सुधार करो, उसे पारदर्शक बनाओ और उसके बाद चुनाव कराओ। चुनाव में जो भी परिणाम आएगा, जीत या हार, हम सब उसे स्वीकार करेंगे।
यह तो मतदाताओं का अपमान है!
राज ठाकरे ने कहा कि जब किसी विधायक का भाई ही कहता है कि वह बीस हजार वोट बाहर से लाया, जब सार्वजनिक शौचालयों के पते पर भी मतदाता दर्ज किए जाते हैं, तो यह मतदाताओं का अपमान है। यहां खुद विधायक भी यकीन नहीं कर पा रहे थे कि वे सच में जीते हैं या नहीं। जो मतदाता धूप में खड़े होकर वोट डालते हैं, उनका यह सीधा-सीधा अपमान है।
