-टुकुर-टुकुर देखते रह गए योगी तो क्या बीजेपी में बढ़ रही है मतभेद की खाई?
६ अक्टूबर को वाराणसी के राम कटोरा इलाके में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने दो भाजपा नेताओं के बीच कथित विवाद ने हलचल मचा दी। यह विवाद स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह के दौरान हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। घटना तब हुई जब शहर दक्षिणी विधायक नीलकंठ तिवारी मंच पर मौजूद सभी अतिथियों का अंगवस्त्र (पटका) पहनाकर सम्मान कर रहे थे। जब वह उत्तरी विधायक और राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल की तरफ बढ़े, तो जायसवाल ने उनका हाथ पकड़ लिया और अंगवस्त्र तिवारी के गले में डाल दिया। ऐसे में तब से `पटका कांड’ चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर बवंडर खड़ा कर दिया है और पार्टी के अंदर-बाहर चर्चा का विषय बन गई है। इसी के साथ ही यह सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि क्या भाजपा के भीतर अब सबकुछ ठीक नहीं है। क्या बीजेपी में मतभेद की खाई बढ़ रही है?
बता दें कि स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में प्रदेश के विभिन्न मंत्री और विधायक शामिल हुए थे। मंच पर प्रमुख नेताओं में वाराणसी दक्षिण विधानसभा से भाजपा के विधायक और पूर्व राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी, राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल, राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्रा दयालु और मेयर अशोक तिवारी मौजूद थे। इस सम्मान समारोह के दौरान नीलकंठ तिवारी और रविंद्र जायसवाल के बीच एक ऐसा पल आया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। वीडियो में दिखाया गया कि जब नीलकंठ तिवारी, जायसवाल के पास पहुंचे, तो उनका पटका पहनाकर सम्मान किया जा रहा था। मंच पर यह दृश्य कुछ ऐसा था कि सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गर्इं। कुछ लोगों ने यह दावा किया कि यह जायसवाल के राज्य मंत्री बनने के बाद नीलकंठ तिवारी की नाराजगी को दर्शाता है। कई टिप्पणीकारों ने यह भी कहा कि तिवारी को यह खटका था कि उनके सहयोगी को मंत्रालय मिल गया, जबकि वे खुद खाली हाथ हैं। विपक्षी दलों ने इस वीडियो को तेजी से सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे यह मामला और भी तूल पकड़ गया। इस वीडियो के बाद ट्विटर, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इसकी तीव्र चर्चा होने लगी।
विधायक ने दी सफाई
इस पूरे मामले पर बीजेपी विधायक नीलकंठ तिवारी ने सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं का जवाब दिया। तिवारी ने रविंद्र जायसवाल के साथ अपने संबंधों पर जोर देते हुए बताया कि वे छात्र जीवन से एक-दूसरे को जानते हैं और उनके बीच परिवारिक नाता भी है। उन्होंने यह भी कहा कि बनारस में हर कोई जानता है कि उनके और रविंद्र जी के बीच ३५ सालों से गहरे संबंध हैं।
