राजेश सरकार / प्रयागराज
देश में मेडिकल और इंजीनियरिंग परीक्षाओं का बढ़ता दबाव अब नौजवानों की जिंदगियों को लील रहा है। ऐसा ही एक झकझोर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम कॉलोनी से सामने आया है, जहां नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीय मेधावी छात्रा रितु शर्मा ने सोमवार शाम अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर मौत के गले लगा लिया। इस दर्दनाक हादसे से पूरा इलाका स्तब्ध है और परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस को घटनास्थल से 8 पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने इस भयावह आत्मघाती कदम के पीछे की मानसिक पीड़ा और व्यवस्था के खोखलेपन को उजागर कर दिया है।
मानसिक द्वंद्व और ओसीडी की शिकार थी रितु
रितु शर्मा पढ़ाई में बेहद होनहार थी और उसने हाईस्कूल में 93% तथा इंटरमीडिएट में 80% अंक हासिल किए थे। वह पिछले दो वर्षों से डॉक्टर बनने का सपना संजोए जी-तोड़ मेहनत कर रही थी। तीसरे राउंड की काउंसलिंग में चयन की अनिश्चितता और परीक्षा के अत्यधिक दबाव के चलते वह गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) से गुजर रही थी।
कमरे से मिले भावुक सुसाइड नोट में मृतका ने लिखा “दिनभर परेशान करने वाले ख्याल मेरे दिमाग में आते हैं। मैं ढंग से पढ़ाई नहीं कर पा रही हूं। एक ही चीज को बार-बार दोहराती हूं। ऐसा नहीं करने पर मेरा दिमाग मुझे डराता है कि कुछ बुरा हो जाएगा। अब मैं थक चुकी हूं। ये अनचाहे थॉट्स नकारात्मक और डरावने हैं, जो मेरी जिंदगी को पूरी तरह तबाह कर रहे हैं। इसलिए मैं सुसाइड कर रही हूं।”
विशेषज्ञों के मुताबिक, सुसाइड नोट में रितु द्वारा बयां किए गए लक्षण ओसीडी (ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर) जैसी गंभीर मानसिक बीमारी की ओर इशारा करते हैं, जिसके बारे में शायद उसके परिवार को भी भनक नहीं थी।
रिटायर्ड इंजीनियर की बेटी थी रितु
मृतका रितु शर्मा के पिता देवराज शर्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हैं। वे मूल रूप से गाजीपुर के रहने वाले हैं और पिछले कुछ वर्षों से परिवार के साथ झूंसी के त्रिवेणीपुरम में रह रहे थे।सोमवार शाम रितु ने अपने पिता की अलमारी में रखी लाइसेंसी पिस्टल चुपके से निकाली और अपने कमरे को अंदर से लॉक करके खुद पर फायर कर दिया। गोली की आवाज सुनकर जब तक परिजन कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तब तक रितु खून से लथपथ दम तोड़ चुकी थी।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की तफ्तीश जारी
घटना की सूचना मिलते ही झूंसी थाना पुलिस और फोरेंसिक विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने घटनास्थल से लाइसेंसी पिस्टल, कारतूस का खोखा और 8 पन्नों का सुसाइड नोट अपने कब्जे में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला अत्यधिक मानसिक तनाव और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में असफलता के डर से उपजे डिप्रेशन का लग रहा है, फिर भी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
