अनिल मिश्र / पटना
बिहार शिक्षा विभाग की एक डीपीओ के आज मंगलवार को ग्यारह ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की छापेमारी में पांच मंजिला मकान और दो करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है। दरअसल, कटिहार और किशनगंज में छापेमारी के दौरान डीपीओ के ठिकानों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गयी। इस छापेमारी की खबर मिलते ही इसकी चर्चा तेज हो गयी है। आपको बताते चलें कि बिहार आर्थिक अपराध इकाई और निगरानी की टीम लगातार भष्टाचार मामले में कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज कटिहार और किशनगंज में डीपीओ रूबी कुमारी के ठिकानों पर ईओयू ने आठ घंटे तक छापेमारी की। इस दौरान 2.80 लाख रुपये नकद, करीब 60 लाख मूल्य के 220 ग्राम सोने के जेवर और 11 जमीन के दस्तावेज मिले। प्रारंभिक जांच में आय से 87.49 फीसदी अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिले हैं। जानकारी के मुताबिक, किशनगंज में पदस्थापित शिक्षा विभाग की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) रूबी कुमारी के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है। जांच एजेंसी की ओर से पटना, किशनगंज और कटिहार समेत कुल चार स्थानों पर एक साथ यह कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान कटिहार में उनके दो अलग-अलग आवासों पर इओयू की टीम ने एक साथ दबिश दी है कटिहार में पहला ठिकाना सहायक थाना क्षेत्र के बरमसिया मोहल्ला स्थित मुंशी टोला में है, जबकि दूसरा ठिकाना बरमसिया ग्रिड के पास स्थित उनका आवास है। मंगलवार सुबह से ही दोनों स्थानों पर इओयू की टीम स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से सघन जांच अभियान में जुटी हुई है। आपको बताते चलें कि रूबी कुमारी वर्तमान में किशनगंज जिले में शिक्षा विभाग के डीपीओ पद पर पदस्थापित हैं, लेकिन इससे पूर्व वह कटिहार में ही शिक्षा विभाग में डीपीओ के पद पर कार्यरत थीं। कटिहार में उनके कार्यकाल के दौरान ही उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे थे, जिसके बाद उनका स्थानांतरण किशनगंज कर दिया गया था। इनके पति गौरव यादव उर्फ बंटी यादव जो रेलवे में टीटीई के पद पर कार्यरत हैं तथा ससुर मुक्ति प्रसाद यादव मारवाड़ी पाठशाला में प्रधानाध्यापक के पद से सेवानिवृत हुए थे। वर्ष 2018 से 2024 तक कटिहार में ग्यारह जगह जमीन खरीदी है, जबकि बरमसिया रेलवे ग्रिड के समीप पांच मंजिला। आवासीय मकान बनवा रही है।कटिहार में इओयू की छापेमारी की सूचना फैलते ही मुंशी टोला और बरमसिया ग्रिड स्थित दोनों आवासों के बाहर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर इओयू की टीम ने दोनों आवासों को चारों तरफ से घेर लिया और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने से रोक दिया। इस समाचार को लिखे जाने तक दोनों आवासों पर तलाशी अभियान लगातार जारी था और अब तक हुई बरामदगी को लेकर एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। इस बीच विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही जब्त संपत्तियों और दस्तावेजों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक किया जाएगा। आपको बताते चलें कि यह छापेमारी राजधानी पटना से आई आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की आठ सदस्यीय टीम में मिथलेश कुमार जायसवाल जो आर्थिक अपराध इकाई में आरक्षी उपाधिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में यह कार्रवाई किए गए।
