-21 किलो चांदी के सिक्कों का प्रसाद और 501 कुंतल अन्नकूट से गूंजेगी काशी
उमेश गुप्ता / वाराणसी
काशी में उत्सवों का यह चरम काल है, काशी में दीपावली उत्सवों में अन्नपूर्णा मंदिर से प्रसाद और अन्नधन का वितरण का दौर शुरू होने की ओर है। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (धनतेरस) पर छह नवंबर को स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णेश्वरी के दर्शन के लिए पट खुल जाएंगे।
स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णेश्वरी के 5 दिनों तक चलने वाले दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालु देश के कोने-कोने से यहां पहुंचते हैं श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बेरीकेटिंग आदि की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। मां अन्नपूर्णा के अलौकिक स्वर्णमयी स्वरूप के दौरान मंदिर के खजाने से 21 किलो चांदी के सिक्के भी श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप वितरित किए जाएंगे।
मां अन्नपूर्णा मठ-मंदिर के महंत गोस्वामी शंकरपुरी महाराज के अनुसार, 6 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त में पूजन के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। 10 नवंबर को शयन आरती के बाद स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन अगले वर्ष तक के लिए बंद हो जाएंगे। इस दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने की उम्मीद है।
इस वर्ष मंदिर की ओर से 21 किलो चांदी के सिक्के तैयार कराए गए हैं। इन सिक्कों पर मां स्वर्ण अन्नपूर्णा की आकृति और मंत्र अंकित हैं। मंदिर की परंपरा के अनुसार, ये सिक्के किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि खजाने में पूजित सिक्कों के रूप में रखे जाते हैं। प्रसाद वितरण के दौरान श्रद्धालुओं को चांदी का सिक्का भी प्राप्त होगा।
मंदिर में अन्नकूट महोत्सव को लेकर व्यापक तैयारियां चल रही हैं। इस बार 501 कुंतल भोग तैयार किया जा रहा है। शरद पूर्णिमा से शुरू हुई तैयारी में 85 महिला-पुरुषों की टीम पं. शंभुनाथ उपाध्याय के नेतृत्व में जुटी है। भोग तैयार करने का कार्य 10 नवंबर की सुबह तक चलेगा।
मंदिर की विशेष परंपरागत पद्धति से तैयार इस अन्नकूट प्रसाद को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाती है। 11 नवंबर की शाम अन्नकूट का प्रसाद तिरुपति बालाजी को समर्पित करने के लिए भेजा जाएगा।
