मुख्यपृष्ठनए समाचारऊपर खाद्य तेल का लेबल...अंदर स्मगल हो रहा डीजल!

ऊपर खाद्य तेल का लेबल…अंदर स्मगल हो रहा डीजल!

-राज्य में तस्करों को मिला नया धंधा

-मुंबई से दूर-दराज की जा रही सप्लाई

सामना संवाददाता / मुंबई

डीजल की किल्लत का फायदा तेल माफिया उठाने लगे हैं। माफिया मुंबई और उसके आसपास के इलाकों से बड़ी मात्रा में डीजल की स्मगलिंग कर रहे हैं। यह स्मगलिंग खाने के तेल की आड़ में की जा रही है। इस काले धंधे का पर्दाफाश तब हुआ जब ठाणे की एनफोर्समेंट एजेंसियों ने मुंबई-नासिक हाईवे पर बड़े पैमाने पर स्मगलिंग का डीजल पकड़ा। खारेगांव और कसारा में दो संयुक्त छापेमारी में ५४,००० लीटर से ज्यादा डीजल जब्त किया गया है। रविवार को जारी एक बयान में अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने दोनों मामलों में पकड़े जाने से बचने के लिए कंसाइनमेंट पर ‘खाने का तेल’ का गलत लेबल लगाकर उसे छिपाने की कोशिश की थी।
खारेगांव में पहले ऑपरेशन में लगभग २५ लाख रुपए कीमत का २५,००० लीटर डीजल ले जा रहे एक टैंकर को पकड़ा गया। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इंस्पेक्शन के दौरान, उन्हें डिब्बे में डीजल मिला, जबकि टैंकर पर खाने के तेल का लेबल लगा था। शुरुआती जांच में पता चला कि डीजल विरार से लोड किया गया था और नासिक की ओर ले जाया जा रहा था। पूछताछ में पता चला कि डीजल नासिक में किसानों को ब्लैक में बेचा जाना था।
कसारा में भी पकड़ा गया टैंकर
कसारा की सीमा में चिंतामनवाड़ी पुलिस चौकी के पास एक और ऑपरेशन में अधिकारियों ने २६.२६ लाख रुपए की कीमत का २९,००० लीटर डीजल ले जा रहे एक और टैंकर को पकड़ा। एक अधिकारी ने बताया कि ड्राइवर ने माना कि मालिक के कहने पर यह डीजल गढ़चिरौली की सुरजागढ़ खदानों में डिलिवरी के लिए ले जाया जा रहा था।
कई केस दर्ज
अधिकारी के मुताबिक, डीजल को जरूरी सेफ्टी नियमों या कानूनी प्रक्रियाओं के बिना सोर्स स्मगलिंग कर ले जाया जा रहा था। कलवा पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ और कसारा पुलिस ने ड्राइवर और ट्रक मालिक के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि आगे की जांच चल रही है।

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