राजेश सरकार / प्रयागराज
महात्मा गांधी के विचारों और मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से वाराणसी के राजघाट से दिल्ली के राजघाट तक निकाली गई ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा गुरुवार को प्रयागराज शहर में प्रवेश कर गई है। संगम नगरी में सैकड़ों गांधीवादी पदयात्रा में शामिल हुए। इस पदयात्रा से प्रयागराज में कांग्रेस को नई ऊर्जा मिलेगी। यह पदयात्रा सद्भावना, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। पदयात्रियों का कारवां गांधी जयंती के दिन बनारस से आरंभ हुआ था। बुधवार शाम सरदार पटेल सेवा संस्थान अलोपीबाग में ठहराव के बाद गुरुवार सुबह शहर में भ्रमण को रवाना हुआ। पदयात्रा शहर के कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण स्थानों से होकर गुजरी। रास्ते में स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया और अभियान में भागीदारी की। यात्रा शहर के हृदय चौक पहुंची। चौक के ऐतिहासिक नीम के पेड़ के पास बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, जहां गांधीवादी कार्यकर्ताओं ने लोगों से लोकतंत्र और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का आह्वान किया। चौक से यह कारवां आगे बढ़ते हुए खुल्दाबाद स्टेशन क्षेत्र से गुजरा, जहां बड़ी संख्या में छात्र और युवा इस यात्रा में शामिल हुए। इसके बाद पदयात्रा खुसरोबाग की ऐतिहासिक दीवारों के समानांतर चलती रही, जिसने इस पूरे मार्ग को एक प्रेरणादायक रूप दिया।
दिन ढलने तक पदयात्रियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने से गुजरते हुए यात्रा के संदेश को और पुख्ता किया। हाईकोर्ट के पास की मौजूदगी ने पदयात्रा के मुख्य उद्देश्य, यानी संविधान और न्याय की रक्षा पर जोर दिया।
इस यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं और नागरिकों का उद्देश्य केवल महात्मा गांधी की स्मृति को जीवित रखना नहीं, बल्कि देश में लोकतंत्र और भारतीय संविधान की सुरक्षा के लिए एक व्यापक जन-जागरण पैदा करना है। एक हजार किलोमीटर लंबी यात्रा 26 नवम्बर (संविधान दिवस) को दिल्ली में समाप्त होगी। एक कदम गांधी के साथ अभियान लगातार देश की जनता को अपनी आजादी और संवैधानिक ढांचे की बुनियादी संरचना को बचाने के लिए जागरूक और संगठित होने का संदेश दे रहा है।पद यात्रियों के स्वागत में इलाहाबाद शहर से विनय सिन्हा, अनुग्रह नारायण सिंह, सुभाष चंद्र पांडेय, एडवोकेट प्रमोद सिंह, एडवोकेट केके राय, एडवोकेट रविंद्र सिंह, इरशाद उल्ला, असरार नियाजी, प्रदीप मिश्रा, अविनाश मिश्रा, पद्मा सिंह, ऋशेश्वर उपाध्याय, विजय चितौरी, शंकर लाल साहू, आदि वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।
