मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
झांसी में पॉक्सो एक्ट के आरोपी वृद्ध पुजारी ने सोमवार को गुरसरांय थाने में फांसी लगाकर जान दे दी। टॉयलेट में लुंगी के सहारे फंदे पर लटके पुजारी के शव को देख पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुजारी को नौ साल की बच्ची से छेड़खानी के आरोप में रविवार को हिरासत में लिया गया था। मृतक के बेटे ने पिता को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए दो लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया है। मामले में एसएसपी ने जांच के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने बताया कि गुरसरांय थाना क्षेत्र के गांव सिंगार निवासी 62 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद दुबे एक मंदिर के पुजारी थे। उन पर नौ वर्षीय बच्ची से छेड़खानी का मामला दर्ज हुआ था। रविवार को पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाने लाई और रातभर उनसे पूछताछ की गई। सोमवार सुबह छह बजे वह बाथरूम गए थे। उन्होंने लुंगी से फांसी का फंदा बनाया और झूल गए। जब काफी देर तक बाहर नहीं आए तो पुलिसकर्मियों को शंका हुई। उन्होंने झांककर देखा तो दंग रह गए। राजेंद्र प्रसाद फंदे पर लटके थे।
आनन-फानन में उन्हें दरवाजा तोड़कर नीचे उतारा गया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय पहुंचाया गया। जहां हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज, झांसी भेज दिया। यहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। एसपी ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार, सीओ पीयूष पांडेय थाने पहुंचे और घटना की जानकारी ली। घटना से गांव में तनाव का माहौल है।
बेटे विनय दुबे ने आरोप लगाया कि गांव वाले हमें बाहर निकालना चाहते हैं। पिता को झूठा फंसाया गया था, जिसे वह सहन नहीं कर सके और दबाव में यह कदम उठाया है।
थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार, मृतक के बेटे विनय दुबे की तहरीर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में रामकुमार कुशवाहा और प्रमोद कुशवाहा के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि जांच की जा रही है। मृतक पर छेड़खानी व पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज था। एसपी ग्रामीण को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
