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छात्र आंदोलन को हिंसक बनाने की साजिश भाजपा-आरएसएस की सोची-समझी रणनीति, छात्रों के वेश में घुसकर उपद्रव करने वालों की हो पहचान- विजय शंकर नायक

अनिल मिश्र / रांची

आज सोमवार को झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज करवाने और हेमंत सरकार को बदनाम करने के लिए आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश हुई है। वहीं, कांग्रेस छात्रों के न्यायसंगत अधिकार और उज्ज्वल भविष्य के लिए चट्टान की तरह खड़ी है। उक्त बातें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने विधानसभा घेराव के दौरान हुई घटनाओं पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि भाजपा, आरएसएस, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े कुछ लोग छात्रों के वेश में आंदोलन में घुसे और बैरिकेडिंग तोड़ने तथा पथराव करने जैसी गतिविधियों के जरिए माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ धक्का-मुक्की अथवा मारपीट की स्थिति पैदा कर पुलिस लाठीचार्ज की परिस्थिति उत्पन्न करने की कोशिश की गई, ताकि शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन को हिंसक साबित किया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि ये गंभीर आरोप हैं और इनकी निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। यह जांच आवश्यक है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आंदोलन को हिंसक बनाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
विजय शंकर नायक ने कहा कि छात्र अपने भविष्य, रोजगार और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं। ऐसे में कुछ राजनीतिक तत्वों द्वारा आंदोलन के बीच घुसकर हिंसा पैदा करना और फिर उसी हिंसा का आरोप छात्रों पर मढ़ना बेहद गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा, “अगर छात्रों ने पथराव नहीं किया तो फिर पथराव किसने किया? बैरिकेडिंग किसने तोड़ी? पुलिस के साथ टकराव की स्थिति किसने पैदा की? इन सवालों का जवाब सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से सामने आना चाहिए।”
उन्होंने मांग की कि आज के पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराकर घटनास्थल पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच की जाए, ताकि शांतिपूर्ण छात्रों और वास्तविक उपद्रवियों के बीच स्पष्ट अंतर किया जा सके।
भाजपा पर तीखा हमला—‘छात्रों के कंधे पर राजनीति की बंदूक नहीं चलेगी’
कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाकर हेमंत सोरेन सरकार को बदनाम और अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के राजनीतिक घटनाक्रम और भाजपा-विरोधी आंदोलनों के बाद झारखंड में छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक टकराव का मैदान बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “भाजपा को यह समझ लेना चाहिए कि झारखंड के छात्र किसी राजनीतिक दल की कठपुतली नहीं हैं। वे अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। भाजपा यदि छात्रों की सच्ची हितैषी है तो वह उनके बीच घुसकर हिंसा पैदा करने के बजाय उनकी मांगों के समाधान की बात करे।”
उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक बनाकर सरकार को बदनाम करने की राजनीति झारखंड की जनता के सामने बेनकाब होगी।
विजय शंकर नायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के न्यायसंगत हितों, रोजगार, पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच जो संवाद चल रहा है, उसे और व्यापक बनाया जाना चाहिए। छात्रों की समस्याओं को सुनकर नियुक्ति, परीक्षा, रोजगार और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित मामलों के समाधान के लिए समयबद्ध एवं स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस चाहती है कि छात्रों को लाठी नहीं, न्याय मिले; टकराव नहीं, संवाद मिले और आश्वासन नहीं, ठोस समाधान मिले। लेकिन छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन में घुसकर हिंसा करने और फिर उसका राजनीतिक लाभ उठाने की किसी भी कोशिश को बेनकाब किया जाना चाहिए।”
विजय शंकर नायक ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा, “भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए झारखंड के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करना बंद करे। छात्र आंदोलन को अपना राजनीतिक मंच मत बनाइए। अगर छात्रों की समस्याओं की इतनी ही चिंता है तो समाधान का ठोस प्रस्ताव लेकर सामने आइए।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के लोकतांत्रिक संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है और छात्रों के न्यायसंगत अधिकारों की आवाज को किसी भी राजनीतिक साजिश से दबने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “छात्रों का भविष्य किसी राजनीतिक दल की राजनीति से बड़ा है। शांतिपूर्ण छात्रों को बदनाम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हिंसा करने वालों की पहचान हो, निर्दोष छात्रों को संरक्षण मिले और छात्रों की जायज मांगों का लोकतांत्रिक समाधान निकले—यही कांग्रेस की स्पष्ट मांग है।”

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