-अपनी ही सरकार पर बरसे गणेश नाईक; बोले, ‘बिल्डरों के गले में गया पैसा तो निकाल लूंगा!’
-नई मुंबई में पुनर्विकास पर सीधा हमला
सामना संवाददाता / मुंबई
नई मुंबई में पुनर्विकास योजनाओं को लेकर महायुति सरकार के भीतर ही विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। वन मंत्री गणेश नाईक ने शनिवार को सरकार की नीतियों पर सीधे निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बिल्डरों के पीछे चलकर महाराष्ट्र को दस साल पीछे धकेल दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि नई मुंबई में क्लस्टर पुनर्विकास के नाम पर यदि बिल्डरों को फायदा पहुंचाने और उनकी जेब में पैसा डालने की कोशिश हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
सानपाड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में नाईक ने कहा कि नई मुंबई की जनता को गृहीत मानकर उसके साथ अन्याय करने वालों का वे विरोध करेंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि क्लस्टर के नाम पर बिल्डरों को आर्थिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया, तो वे उसका पुरजोर विरोध करेंगे। बता दें कि राज्य सरकार की ओर से पुनर्विकास के नाम पर कई बड़ी परियोजनाएं तैयार कर उन्हें बिल्डरों की झोली में डालने के आरोप लगातार लगते रहे हैं। मुंबई में भी क्लस्टर डेवलपमेंट के नाम पर कई परियोजनाएं बड़े बिल्डरों को सौंपे जाने का आरोप है। उदाहरण के तौर पर धारावी और भिंडी बाजार जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया जाता है। इसी तरह का प्रयास नई मुंबई में भी किए जाने का आरोप है, जिसका नाईक जमकर विरोध कर रहे हैं। एक दिन पहले भी गणेश नाईक ने इस मामले को लेकर नगर विकास मंत्री और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आड़े हाथों लिया था।
क्लस्टर योजना पर महायुति में बढ़ी दरार
नई मुंबई में क्लस्टर पुनर्विकास को लेकर सरकार की ओर से आगे बढ़ाए जा रहे कदमों ने महायुति के भीतर राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। नाईक का खुला विरोध ऐसे समय सामने आया है, जब नगर विकास विभाग की ओर से इस योजना को गति देने की कोशिश की जा रही है।
१० अगस्त की महासभा पर सबकी नजर
नाईक ने यह भी स्पष्ट किया कि १० अगस्त को होने वाली नई मुंबई महानगरपालिका की महासभा में भाजपा के सभी नगरसेवकों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यहां बिल्डरों के हित वाली परियोजनाओं को रोकने का काम किया जाएगा। इसके लिए पार्टी की ओर से व्हिप जारी किए जाने की बात भी उन्होंने कही है।
