फिरोज खान / मुंबई
बच्चों के हाथ में अब खिलौना नहीं, मौत का सामान थमाया जा रहा है। बाजार में मिलनेवाले सस्ते चीनी खिलौने न सिर्फ घटिया गुणवत्ता वाले हैं, बल्कि इनमें लगे नियोडीमियम मैग्नेट, जहरीले रंग और छोटे-छोटे पार्ट्स बच्चों की जान के दुश्मन बन चुके हैं। मुंबई में कई बच्चे खिलौनों में लगे खतरनाक मैग्नेट निगल चुके हैं और उनकी जान खतरे में पड़ चुकी है।
भक्तिलोक अस्पताल के डॉक्टर मोहन झा ने बताया कि नियोडीमियम मैग्नेट बेहद शक्तिशाली होते हैं। अगर एक से ज्यादा मैग्नेट पेट में चले जाएं तो वे आंतों को आपस में चिपका सकते हैं, जिससे आंत में छेद होने और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों ने बचाई घाटकोपर के बच्चे की जान ८ साल के मासूम ने निगल लिया था खिलौने में लगे नियोडीमियम मैग्नेट
शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को देखकर घाटकोपर के एक ८ वर्षीय बच्चे ने खिलौने में लगे ८ छोटे-छोटे नियोडीमियम मैग्नेट निगल लिए। पेट में तेज दर्द शुरू होने पर उसे तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां सर्जरी कर मैग्नेट बाहर निकाले गए।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश राठौड़ का कहना है, ‘घर में कोई भी छोटा मैग्नेट, बैटरी या खिलौना बच्चों की पहुंच से दूर रखें। अगर बच्चा कुछ निगल ले तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, घरेलू इलाज न करें।’
चीन का सस्ता माल तस्करी के जरिए आने और बिना किसी जांच तथा सुरक्षा परीक्षण के सीधे दुकानों तक पहुंचने के आरोप लगते रहे हैं। नतीजा यह है कि हर महीने किसी न किसी बच्चे के अस्पताल पहुंचने की खबर सामने आती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में मिलनेवाले कुछ चीनी मैग्नेटिक खिलौनों और कंस्ट्रक्शन किट में खतरनाक मैग्नेट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
