अजय भट्टाचार्य
सिर्फ भारत में ही आप देख सकते हैं कि आईआईटी टॉपरों को ऐसे महानुभाव से डिग्री देकर सम्मानित करवाया गया जिसकी कथित डिग्री अभी तक सवालों के घेरे में है। अब हालात ये हैं कि महामानव का औरा बड़ा दिखाने के लिए कृत्रिम रूप से जितना प्रयास किया जाएगा, इनकी उतनी ही पोल खुलती जाएगी। आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में पहुंचे महामानव की सुरक्षा और उनके लिए आयोजित भव्य कार्यक्रम के चलते छात्रों को किस तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ा, यह अब छात्रों की बातों से सामने आ रहा है। समारोह का पूर्वाभ्यास तक उनके कार्यक्रम को ध्यान में रखकर कराया गया। छात्रों को यह तक बताया गया कि जिल्लेइलाही से मेडल लेते समय कितना सिर झुकाना है। शायद उतना ही जितना वे माई फ्रेंड ट्रंप के आगे झुकाते हैं!
समारोह किसके लिए?
छात्रों के मुताबिक, दीक्षांत समारोह कार्यक्रम के दौरान उनके माता-पिता को अंदर आने की अनुमति नहीं थी। माता-पिता को छाता और पानी की बोतल तक ले जाने की अनुमति नहीं थी। कैंपस में जगह-जगह बैरिकेडिंग और मेटल डिटेक्टर लगाए गए। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती रही। कैंपस की दुकानें और मार्केट तक बंद रखे गए। आमतौर पर डिग्रियां कार्यक्रम के पहले हिस्से में बांटी जाती हैं। इस बार उन्हें दूसरे हिस्से में कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि कई छात्रों के माता-पिता, जिन्होंने पहले से वापसी की टिकट बुक कर रखी थी, अपने बच्चों को डिग्री लेते हुए देख ही नहीं पाए। सवाल प्रधानमंत्री की सुरक्षा का नहीं है। सुरक्षा जरूरी है और होनी भी चाहिए। सवाल यह है कि क्या किसी विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह छात्रों के लिए होता है या एक व्यक्ति के लिए? शिक्षा संस्थानों के दीक्षांत समारोह में केंद्र में छात्र हैं या सत्ता?
भाजपा विधायक से बेटी बचाओ
उत्तर प्रदेश में एक महिला द्वारा वायरल वीडियो में सुल्तानपुर के भाजपा विधायक विनोद सिंह और उनके गनर पर यौन उत्पीड़न और रेप की कोशिश का आरोप लगाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। महिला का आरोप है कि विधायक नशे में थे, उन्होंने उसके साथ मारपीट की, उसके कपड़े फाड़े और बाद में उसे व उसकी नाबालिग बेटी को एसिड अटैक की धमकी दी। महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच की अपील की है। महिला के अनुसार, उसकी नाबालिग बेटी के साथ भी ऐसा ही करने की धमकी दी गई।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)
