सामना संवाददाता / वसई
वसई-विरार क्षेत्र में एफडीए के सख्त एक्शन से होटल संचालकों, किराना दुकानदारों और खाद्य पदार्थ विक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है। इसी बीच एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। विरार (पश्चिम) के आगाशी रोड पर बड़ी मात्रा में एक्सपायरी खाद्य सामग्री सड़क किनारे फेंकी हुई मिली। इनमें दिसंबर २०२५ के एक्स्पायरी डेट की खाद्य वस्तुएं, मक्खन के पैकेट तथा फफूंद लगे नूडल्स शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि प्रशासनिक कार्रवाई के डर से यह सामान यहां फेंका गया।
सड़क किनारे फेंकी गई एक्सपायरी खाद्य सामग्री
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मक्खन के सैकड़ों पैकेट, एक्सपायरी खाद्य सामग्री, फफूंद लगे नूडल्स और अन्य दूषित खाद्य पदार्थ सामान्य कचरे के साथ खुले में फेंक दिए गए थे। नागरिकों ने चिंता जताई है कि ये खाद्य पदार्थ मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। इससे यह भी संदेह पैदा हो गया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए इन्हें बिक्री के लिए रखा गया था।
छापेमारी से मचा हड़कंप
हाल ही में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने वसई-विरार क्षेत्र के कई होटलों, गोदामों और दुकानों पर छापेमारी कर दंडात्मक कार्रवाई की थी। इस सख्त अभियान के बाद कई व्यापारियों में घबराहट का माहौल है। आशंका है कि प्रशासन की नजर से बचने और कानूनी कार्रवाई से बचाव के लिए यह पूरा स्टॉक रातों-रात चोरी-छिपे सड़क पर फेंक दिया गया।
निवासियों की मांग
स्थानीय निवासियों ने वसई-विरार महानगरपालिका, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों से तुरंत मौके का निरीक्षण करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि फेंकी गई खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए, उसके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
