राधेश्याम सिंह / वसई
वसई में खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रुग्णालय (अस्पताल) की एक कमरे में अवैध रूप से चल रहे दवा दुकान का भंडाफोड़ किया है। एफडीए की टीम ने इस गैरकानूनी मेडिकल स्टोर पर छापा मारा और करीब 85,000 रुपए की दवाइयां जब्त कीं। यह अवैध मेडिकल स्टोर एक बारहवीं पास व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह व्यक्ति पिछले 7–8 महीनों से बिना किसी वैध लाइसेंस के दवाइयों की बिक्री कर रहा था। पहले इस व्यक्ति के पास मेडिकल स्टोर का लाइसेंस था, लेकिन बाद में उसने लाइसेंस रद्द करवा दिया था। इसके बावजूद उसने एक अस्पताल में एक कमरा किराए पर लेकर वहीं से दवाओं की अवैध बिक्री शुरू कर दी। एफडीए को जब इस अवैध गतिविधि की जानकारी मिली तो उन्होंने पहले गुप्त जांच की। एक व्यक्ति को प्रिस्क्रिप्शन लेकर उस दुकान पर भेजा गया, जहां से उसे बिना किसी रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस के दवाइयां बेच दी गईं। इसके तुरंत बाद एफडीए की टीम ने कार्रवाई करते हुए वहां छापा मारा और 85,000 रुपए मूल्य की दवाएं जब्त कर लीं। एफडीए के सहायक आयुक्त महेश गाडेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि जब्त की गई दवाओं में से दो नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। इस मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ जांच की जा रही है और कोर्ट में मामला दर्ज किया जाएगा। एफडीए अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में ही दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही थी, जो पूरी तरह से कानून का उल्लंघन है। यह कार्रवाई सामने आने के बाद वसई क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। एफडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे हमेशा अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही दवाएं खरीदें, क्योंकि बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री करना अपराध है और इससे लोगों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है।
