राजेश सरकार / प्रयागराज
नये यमुना पुल के नीचे दो दिन पहले नदी के किनारे मिले दो स्कूली बैग ने जिस आशंका को जन्म दिया था, आखिरकार वो सच साबित हो गया। यमुना से शुक्रवार देर शाम मिले किशोर के शव की पहचान होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। शनिवार को मृतक की पहचान 9वीं कक्षा के छात्र रिजवान पुत्र हसीन अली उर्फ शरीफ निवासी मिश्र का पूरा जिगना मिर्जापुर के रूप में हुई है। बता दें कि 21 मई को नए पुल के नीचे अरैल बांध रोड तरफ नदी किनारे दो स्कूली बैग मिलने से सनसनी फैल गई थी। शुक्रवार देर शाम पुलिस ने यमुना नदी से एक किशोर का शव बरामद किया, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। शनिवार को बैग में मिली दवा की पर्ची के आधार पर पुलिस परिवार तक पहुंची और शव की पहचान रिजवान के रूप में हुई। रिजवान दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई फैजान है। पिता हसीन अली सिलाई का काम करते हैं। परिवार के अनुसार, रिजवान घूरपुर के जारी में रहने वाले अपने फूफा के घर आया हुआ था। उसकी फुफेरी बहन गुलनाज सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही है, इसलिए वह पढ़ाई के लिए अपनी कॉपी-किताब लेकर वहां गया था। 21 मई को रिजवान अपने दो स्कूल बैग लेकर फूफा के घर से निकला था। उसे उसका फुफेरा भाई और बुआ सड़क तक छोड़ने गए थे। वहां से वह रिक्शे पर बैठकर घर के लिए रवाना हुआ, लेकिन जिगना स्थित अपने घर नहीं पहुंचा। इसके बाद परिवार और रिश्तेदार लगातार उसकी तलाश में जुटे रहे। परिजन जब जारी चौकी पर गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे तभी नैनी थाने से सूचना मिली कि यमुना नदी में मिले शव की पहचान रिजवान के रूप में हुई है। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव घर पहुंचा, पूरे इलाके में मातम पसर गया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि रिजवान की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। आखिर उसकी मौत कैसे हुई, यह अब भी रहस्य बना हुआ है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
