राजेश सरकार / प्रयागराज
यमुनानगर के घूरपुर स्थित करमा नर्सिंग पैरामेडिकल सेंटर के छात्रों ने गुरुवार को डीएम कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) की मान्यता नहीं होने की बात छिपाकर उन्हें प्रवेश दिया,जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है। छात्रों के अनुसार, दस्तावेजों की जांच करने पर उन्हें पता चला कि कॉलेज को आईएनसी की मान्यता प्राप्त नहीं है। इस स्थिति के कारण उनकी पढ़ाई, रोजगार और रजिस्ट्रेशन का भविष्य अनिश्चित हो गया है। छात्रों की मुख्य मांग है कि उन्हें किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज में स्थानांतरित किया जाए या उनकी पूरी फीस वापस की जाए। अपर जिला अधिकारी (एडिशनल डीएम) ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी नर्सिंग छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत की है। स्थिति नियंत्रित करने के लिए डीएम कार्यालय के गेट बंद कर दिए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। छात्र-छात्राएं समाचार लिखे जाने तक डीएम कार्यालय के मेन गेट के सामने सड़क पर डटे रहे। छात्रों का आरोप है कि भ्रामक जानकारी देकर करमा नर्सिंग पैरामेडिकल सेंटर प्रबंधन ने भारी प्रवेश शुल्क लेकर उनको प्रवेश दिया। अब वे कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ गलत जानकारी देकर प्रवेश लेने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत हुई है, लेकिन छात्र स्पष्ट समाधान मिलने तक अपना आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।
