-केंद्रीय भंडारागार निगम का जाली लेटरहेड बना थमा दिया वेयरहाउस गोदाम की स्वीकृति का फर्जी पत्र
-नामजद केस दर्ज
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
केंद्रीय भंडारागार निगम के फर्जी लेटरहेड का इस्तेमाल कर यूपी के सुल्तानपुर शहर विधायक विनोद सिंह के साथ जालसाजी व ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रकरण में राजधानी लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली की पुलिस ने विधायक की तहरीर पर नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है।
घटनाक्रम इसप्रकार है। सुल्तानपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद सिंह की पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, सुल्तानपुर के बेलासदा ग्रामवासी शशांक पांडेय और उनकी पत्नी सोनिया ‘सोनी’ पांडेय लखनऊ में विधायक के अपार्टमेंट में ही ऊपरी तल पर स्थित फ्लैट में रहते थे। अपने जिले का ही बासिंदा होने के कारण शशांक ने विधायक से मेलजोल शुरू कर दिया। अक्सर परिवार सहित उनके घर आने जाने लगा। एक दिन उसने विधायक सिंह के सामने प्रस्ताव रखा कि ‘मेरा भाई आईएएस अधिकारी है और पीएमओ में पोस्ट है। केंद्रीय भंडारण निगम के चेयरमैन पद पर आईएएस अफसर आशुतोष अग्निहोत्री को उन्होंने ही पोस्ट कराया है। अगर आप चाहें तो मैं आपको एफसीआई की गोदाम दिलवा सकता हूं।’ विधायक सिंह उसके प्रभाव में आ गए। इसके बाद उसने वेयरहाउस निर्माण के लिए विधायक सिंह से आवेदन संबंधी कुछ कागजात तैयार करवाए। कहा कि इन्हें निगम में जमा कराकर आवश्यक कार्यवाही के बाद मैं गोदाम/वेयरहाउस निर्माण की एनओसी व अनुमति पत्र जारी कराकर आपको लाकर दे दूंगा। इसके पश्चात कई महीने बीत गए। उसने कोई अनुमति पत्र नहीं दिया। तो विधायक ने बार टोकना शुरू किया। कहा कि , ‘चलो मैं साथ चलता हूँ और केंद्रीय भंडार निगम चेयरमैन से इस संबंध में वार्ता करता हूं कि क्यों विलंब हो रहा है ?’ इस पर उसने (शशांक) उन्हें व्हाट्सअप पर केंद्रीय भंडारण निगम के लेटर हेड पर अनुमति व अनापत्ति प्रमाणपत्र की कथित कॉपी भेज दी और कहा कि इसके एवज में आपको कुछ पैसे खर्च करने होंगे। उसकी बातों से शंका होने व प्रथमदृष्टया कथित अनुमति पत्र फर्जी लगने पर विधायक ने निगम के दिल्ली कार्यालय से क्रॉस चेक कराया तो पत्र ‘फर्जी’ निकला। इधर शशांक और उसकी पत्नी ‘सोनी’ सोनिया पांडेय अपना फोन बंद कर अपार्टमेंट छोड़कर भाग गए। तबतक शशांक की असलियत से विधायक सिंह वाकिफ हो चुके थे। उन्होने हजरतगंज कोतवाली में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज बनाकर जालसाजी आदि के आरोप में तहरीर दे दी। जिस पर हजरतगंज कोतवाल विक्रम सिंह ने एफआईआर दर्ज कर ली। वहीं इस केस को निरस्त कराने के लिये आनन-फानन जालसाज शशांक ने
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका भी डाली लेकिन वहां भी उसे कोई राहत नहीं मिली है। इधर जालसाजी व धोखाधड़ी के मामले में पति के साथ सह आरोपी पत्नी ने ‘प्रपंच’ शुरू कर दिया है। उसने विधायक और चरित्र हनन के गंभीर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर अपने बयान की वीडियो क्लिप वायरल की है। उसकी सत्यता की परख भी पुलिस कर रही है।
