मुख्यपृष्ठस्तंभउत्तर प्रदेश से : बरेली का बवाल बीजेपी सरकार की साजिश

उत्तर प्रदेश से : बरेली का बवाल बीजेपी सरकार की साजिश

रोहित माहेश्वरी

यूपी के बरेली में २६ सितंबर को `आई लव मोहम्मद’ को लेकर हुए बवाल के बाद राजनीति शुरू हो गई है। पुलिस की लाठीचार्ज में घायल हुए पीड़ितों से मिलने के लिए सपा का डेलिगेशन बरेली जाने वाला था, लेकिन उसे जाने की अनुमति नहीं मिली। अब आम आदमी पार्टी का डेलिगेशन जल्द ही बरेली जा सकता है। `आप’ के यूपी प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि बरेली का बवाल बीजेपी सरकार की साजिश है। असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए मुसलमानों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।
फाइनल से पहले सेमी फाइनल की तैयारी
यूपी में २०२७ विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी हुई हैं। लेकिन उससे पहले पंचायत चुनाव होना है, जिसे विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। ऐसे माहौल में प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों को बड़ा तोहफा दिया है। मिल रही जानकारी के मुताबिक, शासन ने पंद्रहवें वित्त आयोग की संस्तुति के तहत अनटाइड ग्रांट की १५.४८ अरब रुपए की पहली किस्त जारी कर दी है। धनराशि का आवंटन जिलों की पंचायतों की स्थिति के आधार पर किया गया है। वहीं विपक्ष भी इस पर नजर बनाए हुए है और इसे सरकार की चुनावी रणनीति के तौर पर देख रहा है। इतना ही नहीं, पंचायत चुनाव से पहले १५.४८ अरब रुपए की पहली किश्त जारी होना ग्रामीण विकास के साथ-साथ सियासत में भी बड़ा मायने रखता है।
`आई लव’ में बसपा की एंट्री
यूपी की राजनीति में इन दिनों `आई लव’ पोस्टरों का सिलसिला चल रहा है। बिहार चुनावों के बीच यूपी में २०२७ के विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। `आई लव मोहम्मद’ के जवाब में `आई लव योगी’, `आई लव अखिलेश’ और `आई लव कॉन्स्टिट्यूशन’ जैसे पोस्टर लग चुके हैं। अब बहुजन समाज पार्टी भी इस `पोस्टर वार’ में कूद पड़ी है। राजधानी लखनऊ में `आई लव बीएसपी’ का पोस्टर लगाया गया है, जो सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। यह पोस्टर मायावती की ९ अक्टूबर को लखनऊ में हुई महारैली से पहले लगाए गए थे।

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