रोहित माहेश्वरी
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उत्तराखंड में पार्टी कार्यों की समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को तन-मन-धन से आगामी २०२७ विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटने का निर्देश दिया। मायावती ने कहा कि पार्टी संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत कर जनसमस्याओं से सीधे जुड़ना होगा, जिससे जनता को लगे कि कोई उनकी पीड़ा का साथी है। उन्होंने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर संगठन में आवश्यक बदलाव भी किए जाएंगे। उत्तराखंड सरकार की आलोचना करते हुए मायावती ने कहा कि भाजपा शासन में महंगाई, बेरोजगारी और अव्यवस्था चरम पर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ध्यान भटकाने के लिए धर्म आधारित राजनीति की जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम जी के मिशन को सत्ता की मास्टर चाबी से आगे बढ़ाएं।
आक्रामक तेवरों के साथ मानसून सत्र
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत विपक्ष के आक्रामक तेवरों के साथ हुई। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर तीखा हमला बोला। राम गोपाल यादव ने पहलगाम हमले को खुफिया एजेंसियों की विफलता बताया और संसद में इस पर व्यापक चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति पूरी तरह नाकाम हो चुकी है और आज भारत के साथ न मुस्लिम देश खड़े हैं, न गैर मुस्लिम। अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखते हुए कहा, `पहलगाम का सच बतलाओ, अपनी गलती नहीं छुपाओ।’ उन्होंने पूछा कि हमला चूक थी या भूल। समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और `ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत को अपेक्षित अंतर्राष्ट्रीय समर्थन न मिलने को भी केंद्र की विदेश नीति की विफलता करार दिया।
इकरा हसन से व्यवहार गलत
कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के साथ एडीएम संतोष बहादुर के कथित अभद्र व्यवहार पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। टिकैत ने कहा कि अधिकारियों का ऐसा रवैया बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने सवाल किया, `क्या सरकार ने अधिकारियों को सांसदों और विधायकों से दुर्व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं?’ टिकैत ने इकरा हसन को बेहद सौम्य स्वभाव की नेता बताया और भरोसा दिलाया कि यह मुद्दा संसद में जरूर उठाया जाएगा। मामला तब गरमाया, जब इकरा हसन नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन के साथ एडीएम से मिलने पहुंचीं और उन्हें कथित तौर पर कार्यालय से बाहर निकलने को कह दिया गया। टिकैत ने कांवड़ यात्रा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस बार कांवड़ यात्रियों को भी परेशान किया जा रहा है, जो बेहद निंदनीय है।
